सड़कछाप राजनीति पर उतरी कांग्रेस, पीएम का अपमान देश का अपमान – मदन राठौड़
25 अक्टूबर, 2026 जयपुर। भाजपा राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा बिहार के पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर “मोदी का बाप भी जाएगा” जैसी टिप्पणी किए जाने और इसके बाद कार्यक्रम में एक व्यक्ति के साथ मारपीट की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। राठौड़ ने कांग्रेस नेतृत्व की भाषा और राजनीतिक आचरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति का स्तर आज कहां पहुंच गया है, यह उसके शीर्ष नेतृत्व के बयानों और व्यवहार से साफ दिखाई देता है।
प्रदेश अध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि जिस भाषा को कभी सड़कछाप राजनीति से जोड़ा जाता था, आज उसी तरह की भाषा का इस्तेमाल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर रहे हैं। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन देश के प्रधानमंत्री के प्रति इस तरह की भाषा का इस्तेमाल क्या लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप है? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस की राजनीति में अब शालीनता, संयम और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए कोई जगह नहीं बची है?
उन्होंने कहा कि मामला केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं है। पटना के कार्यक्रम में जिस व्यक्ति के साथ मारपीट की गई, वह भी गंभीर सवाल खड़े करता है। लोकतंत्र में किसी की बात से असहमति होने पर उसका जवाब तर्क और संवाद से दिया जाना चाहिए, न कि हिंसा से। राजनीतिक कार्यक्रमों में विरोध की आवाज को दबाने के लिए मारपीट की घटनाएं लोकतांत्रिक संवाद के लिए चिंताजनक हैं।
प्रदेश अध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि वर्षों तक देश की सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को व्यक्तिगत कटुता में बदलती दिखाई देती है। सत्ता हासिल करने की बेचैनी और प्रधानमंत्री मोदी को हटाने की जिद में कांग्रेस यह भूल रही है कि भारत की जनता किसी परिवार की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए नहीं, बल्कि देश के विकास, सुशासन और अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए मतदान करती है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और राजनीतिक दलों को अपने शब्दों तथा आचरण से लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। विपक्ष का दायित्व सरकार की नीतियों की आलोचना करना है, लेकिन आलोचना और व्यक्तिगत कटाक्ष के बीच की मर्यादा को बनाए रखना भी जरूरी है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को आत्ममंथन करना चाहिए कि उसकी भाषा और राजनीतिक शैली देश की लोकतांत्रिक संस्कृति को किस दिशा में ले जा रही है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस नेताओं की विवादित बयानबाजी का इतिहास किसी से छिपा नहीं है। कभी सोनिया गांधी ने उन्हें ‘मौत का सौदागर’ कहा, तो कभी मणिशंकर अय्यर ने उनकी चाय बेचने की पृष्ठभूमि पर तंज कसते हुए ‘चायवाला’ कहकर निशाना साधा और फिर प्रधानमंत्री के लिए ‘नीच’ जैसे अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया। अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ जैसे बयान शर्म नाक है । एक ओर कांग्रेस के नेताओं की शर्म नाक बयान बाजी है तो वहीं दूसरी ओर विश्व के 37 से अधिक देश के सर्वोच्च सम्मान प्राप्त करने वाले नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता भारत में ही नहीं विश्व में भी लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में मेरा कांग्रेस के नेतृत्व को सलाह है कि वह सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी पर माफी मांगे।

