राज्य निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित हुई पंचायत चुनाव पर्यवेक्षकों की कार्यशाला
16 अक्टूबर, 2026 जयपुर। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह की अध्यक्षता में पंचायत एवं ज़िला परिषद चुनाव पर्यवेक्षकों की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जिले के सभी चुनाव पर्यवेक्षक उपस्थित रहे, जबकि प्रदेश के अन्य जिलों के पर्यवेक्षकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यशाला में भाग लिया।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि पंचायत एवं ज़िला परिषद चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण भाग हैं। अतः सभी पर्यवेक्षक अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण संवेदनशीलता, निष्पक्षता एवं जवाबदेही के साथ करें। उन्होंने निर्वाचन संबंधी सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक मतदान केंद्र पर पारदर्शी, शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त वातावरण में मतदान संपन्न करवाने के निर्देश दिए।
राज्य निर्वाचन आयुक्त सिंह ने पंचायत एवं ज़िला परिषद चुनावों के व्यापक स्वरूप की जानकारी देते हुए बताया कि इन चुनावों के माध्यम से कुल 45,384 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा तथा 1,55, 138 जनप्रतिनिधियों का निर्वाचन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षक संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष ध्यान दें तथा नियमित फील्ड विजिट कर यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक मतदाता निर्भय होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान हथियारों की नियमानुसार जब्ती, मतदाताओं को डराने- धमकाने वाले व्यक्तियों पर निगरानी तथा स्वीप गतिविधियों के माध्यम से मतदाता जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि आदर्श आचार संहिता के किसी भी उल्लंघन की सूचना सर्वप्रथम जिला निर्वाचन अधिकारी को दी जाए तथा आवश्यकता होने पर प्रकरण को मुख्य निर्वाचन अधिकारी के स्तर तक पहुंचाया जाए। साथ ही, उम्मीदवारों द्वारा निर्धारित व्यय सीमा का उल्लंघन नहीं होने देने के लिए भी प्रभावी निगरानी की जाए।
कार्यशाला में प्रशिक्षकों ने पर्यवेक्षकों को पंचायत एवं जिला परिषद चुनावों के कार्यक्रम, निर्वाचन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों तथा रिपोर्टिंग संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि मतदान दलों की रवानगी से लेकर मतदान, मतगणना एवं परिणामों की घोषणा तक प्रत्येक चरण में पर्यवेक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। विभिन्न चरणों में प्रेषित की जाने वाली रिपोर्टों के प्रारूप एवं उन्हें भेजने की प्रक्रिया के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया गया कि निर्वाचन आयोग द्वारा जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करें तथा चुनाव व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें।
राज्य निर्वाचन आयुक्त सिंह ने कार्यशाला के समापन पर कहा कि सभी पर्यवेक्षक प्रशिक्षण के दौरान दी गई जानकारी एवं दिशा-निर्देशों को भली-भांति समझें और अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। सभी पर्यवेक्षक उचित समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर शांतिपूर्ण, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित तरीके से मतदान संपन्न हो। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी का प्रभावी उपयोग कर सभी पर्यवेक्षक पंचायत चुनावों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

