लालकोठी विकास समिति ने सांसद डॉ अल्का गुर्जर को दिया ज्ञापन
4 अगस्त, 2026 जयपुर। लालकोठी क्षेत्र की 13 कॉलोनियों के भूखंडधारियों को राज्य सरकार के शहरी सेवा शिविरों में नियमन प्रक्रिया से बाहर रखने पर लालकोठी विकास समिति ने गहरा विरोध जताया है। समिति ने नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा को ज्ञापन भेजकर दो दशक से लंबित नियमन प्रकरण का शीघ्र समाधान कराने और संशोधित नियमन आदेश जारी करने की मांग की है।
समिति का कहना है कि जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामले का हवाला देकर नियमन प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से रोके हुए है, जबकि संशोधित आदेश जारी करने पर कोई कानूनी रोक नहीं है।
समिति के अनुसार वर्ष 2001 में नियमन आदेश जारी हो चुके थे और बाद में नियमन अवधि 31 मार्च 2006 तक बढ़ाई गई थी। इस दौरान 258 भूखंडधारियों को पट्टे भी जारी किए गए, लेकिन सैकड़ों लोग आज भी पट्टों का इंतजार कर रहे हैं और उनके करोड़ों रुपये जेडीए में जमा हैं।
विकास समिति के अध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने बताया कि ज्ञापन में लालकोठी प्रकरण को पुनः मंत्रीमंडलीय उपसमिति को सौंपकर आनंद विहार कॉलोनी (आनंद नर्सरी) की तर्ज पर समाधान करने का आग्रह किया गया है। समिति ने आगामी नगरीय निकाय चुनावों से पहले समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
इसी क्रम में समिति के महामंत्री एम.पी. माथुर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा सांसद डॉ. अलका सिंह से मुलाकात कर भूखंडधारियों को न्याय दिलाने की मांग रखी। डॉ. अलका सिंह ने ज्ञापन को उचित बताते हुए राज्य सरकार से शीघ्र संशोधित आदेश जारी कराने का आश्वासन दिया।

