Monday, July 27, 2026
Uttar Pradesh

कारगिल विजय दिवस पर जन भवन में अद्वितीय पराक्रम को समर्पित कार्यक्रम का हुआ आयोजन

26 जुलाई, 2026 लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से जन भवन, लखनऊ के गांधी सभागार में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मातृभूमि की रक्षा के लिए समर्पित वीर सैनिकों के अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम एवं सर्वोच्च बलिदान को समर्पित कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर जन भवन में कार्यरत सुरक्षा कर्मियों द्वारा सामूहिक गीत, नृत्य एवं प्रेरणादायी नाटक की प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में प्रस्तुत देशभक्ति गीत सीमा पर हुआ शहीद, हुआ मेरे जिगर का टुकड़ा की रचना जन भवन में कार्यरत आर आई, निरीक्षक कुलदीप सिंह ने की, जिसे सुरक्षा कर्मियों ने भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया।

नाटक में कारगिल युद्ध के वीर योद्धा कैप्टन सौरभ कालिया, परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा, जिन्होंने ये दिल मांगे मोर का उद्घोष किया था, परमवीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज कुमार पांडे तथा परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर योगेंद्र सिंह यादव के अद्वितीय शौर्य, साहस, रणकौशल एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण का सजीव मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से कारगिल युद्ध के दौरान विषम एवं दुर्गम परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों द्वारा प्रदर्शित अदम्य साहस, अटूट संकल्प, अद्वितीय पराक्रम तथा मातृभूमि की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान का अत्यंत भावपूर्ण चित्रण किया गया।

राज्यपाल ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रेरणादायी कार्यक्रमों का मंचन विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में भी किया जाना चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी कारगिल के वीर सैनिकों के त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय आसान नहीं थी। हमारे वीर जवानों ने अत्यंत विषम परिस्थितियों में सीमित संसाधनों के बावजूद अदम्य साहस का परिचय देते हुए राष्ट्र की रक्षा की और विजय प्राप्त की। आज भारत रक्षा क्षेत्र में निरंतर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि आज सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का भी श्रवण किया। देश ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है, हमें इन सकारात्मक परिवर्तनों को पहचानते हुए समाज को सही दिशा देने का दायित्व निभाना चाहिए। प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए दूसरों को भी प्रेरित करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्व के अनेक देश संघर्ष और युद्ध की परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं, जबकि भारत भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और संवाद के मार्ग पर चलने वाला देश है। भारत का सदैव प्रयास रहा है कि सभी समस्याओं का समाधान शांति एवं संवाद के माध्यम से हो तथा विश्व में शांति और सद्भाव का वातावरण स्थापित हो।

आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जन भवन के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने तथा मन लगाकर अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यालय में बच्चों के नामांकन एवं उनकी शिक्षा की व्यवस्था में सहयोग कर रहे जन भवन के सुरक्षा कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने घर-घर जाकर अभिभावकों को शिक्षा का महत्व समझाया, बच्चों का विद्यालय में नामांकन कराया तथा आज भी उनके नियमित रूप से विद्यालय आने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय के प्रत्येक विद्यार्थी की दैनिक उपस्थिति की जानकारी उन्हें नियमित रूप से प्राप्त होती है। उन्होंने अभिभावकों को अपने बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा ही उनके उज्ज्वल भविष्य तथा समाज और राष्ट्र के विकास का आधार है।

इस अवसर पर जन भवन में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों, आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जन भवन, लखनऊ के विद्यार्थियों एवं अध्यापिकाओं, राजकीय बाल गृह (बालिका), सिंधी खेड़ा की बालिकाओं सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।