Wednesday, September 9, 2026
Uttar Pradesh

सड़क दुर्घटना एवं जनहानि पर ZFD कार्यशाला हुई आयोजित, डीजीपी कृष्ण हुए शामिल

7 सितम्बर, 2026 लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सड़क दुर्घटनाओं एवं उनमें होने वाली जनहानि को न्यूनतम किए जाने हेतु दिए गए निर्देशों के क्रम में तथा पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से प्रदेश में संचालित Zero Fatality District (ZFD) योजना को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाए जाने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय, उ0प्र0, लखनऊ स्थित अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद प्रेक्षागृह में यातायात निदेशालय, उ0प्र0 द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में ZFD कार्यक्रम के तृतीय एवं चतुर्थ चरण के अंतर्गत प्रदेश के 59 जनपदों के सर्वाधिक दुर्घटना बाहुल्य 213 चिन्हित क्रिटिकल स्थानों पर गठित 228 क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों (CC Teams) के प्रभारी अधिकारियों एवं ZFD नोडल अधिकारियों (अराजपत्रित) द्वारा प्रतिभाग किया गया।

कार्यशाला के दौरान राजीव कृष्ण, पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा अपने सम्बोधन में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को केवल आकस्मिक घटना मानने के बजाय उनके पीछे मौजूद कारणों की पहचान कर उन्हें दूर करने पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों का विश्लेषण कर उनके निराकरण के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय एवं निरंतर अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए।

पुलिस महानिदेशक ने क्रिटिकल कॉरिडोर टीम प्रभारियों को अपने-अपने Area of Responsibility (AOR) में दुर्घटना संभावित स्थलों एवं उनके कारकों की पहचान कर प्रभावी रोकथाम की कार्यवाही मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना रोकथाम एवं दुर्घटना की विवेचना दोनों ही विशेषज्ञता वाले कार्य हैं, जिनमें तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। संबंधित विभागों से अपेक्षित सुधारात्मक कार्यों को निरंतर फॉलोअप एवं उच्च स्तर पर एस्केलेट करते हुए पूर्ण कराया जाए।

उन्होंने कहा कि क्रिटिकल कॉरिडोर टीम का दायित्व केवल दुर्घटना के बाद की कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि दुर्घटनाओं को रोकना भी उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक दुर्घटना के बाद उसके कारणों की समीक्षा करते हुए यह चिन्हित किया जाए कि व्यवस्था में कौन-सी कमी के कारण दुर्घटना हुई और भविष्य में उसकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या सुधार आवश्यक हैं। इसके लिए आवश्यक प्रवर्तन, सड़क सुरक्षा उपाय एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रक्रिया का सही एवं निरंतर अनुपालन सबसे महत्वपूर्ण है। क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों द्वारा चिन्हित समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय एवं अनुश्रवण किया जाए।

उन्होंने क्रिटिकल कॉरिडोर टीम के कार्य को विशेषीकृत पुलिसिंग का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए टीम प्रभारियों से अपने-अपने क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित प्रिवेंशन एवं इन्वेस्टिगेशन में विशेषज्ञता विकसित करने, आवश्यक प्रशिक्षण एवं तकनीकी जानकारी प्राप्त करने तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने पर भी विशेष बल दिया गया। साथ ही, क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों के कार्य एवं उनके परिणामों को भविष्य में पुलिस अधिकारियों की कार्यक्षमता एवं करियर प्रोग्रेशन के महत्वपूर्ण घटक के रूप में विकसित किए जाने की बात कही गई।
पुलिस महानिदेशक द्वारा क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों को सड़क सुरक्षा, दुर्घटना रोकथाम, प्रभावी प्रवर्तन, दुर्घटना विश्लेषण तथा प्राथमिक उपचार एवं सीपीआर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित किए जाने पर भी जोर दिया गया।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों द्वारा दिए गए सुझावों का भी पुलिस महानिदेशक द्वारा संज्ञान लिया गया। उन्होंने अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात को निर्देशित किया कि प्राप्त सुझावों का समुचित परीक्षण कर आवश्यकतानुसार उन्हें यातायात से संबंधित आगामी पॉलिसी में सम्मिलित किया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की प्रभावी रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा के प्रयासों को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

कार्यशाला के प्रथम सत्र में ए. सतीश गणेश, निदेशक/अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात एवं सड़क सुरक्षा, उ0प्र0 द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से Zero Fatality District (ZFD) कार्यक्रम तथा सड़क दुर्घटनाओं एवं जनहानि को न्यूनतम किए जाने के दृष्टिगत इंटरसेप्टर के युक्तिसंगत एवं प्रभावी उपयोग के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में विषय-विशेषज्ञों द्वारा सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटना रोकथाम से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर प्रतिभागियों को जानकारी प्रदान की गई।
• रमेश चन्द्र प्रजापति, GTO/PTO, बरेली द्वारा प्रवर्तन उपकरणों एवं मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं के संबंध में जानकारी दी गई।
• डॉ. लोकेन्द्र गुप्ता, मेदांता हॉस्पिटल द्वारा CPR एवं First Aid के संबंध में प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।
• शिजान, NIC द्वारा iRAD/eDAR, पीएम राहत योजना तथा Victim/Patient ID के संबंध में जानकारी दी गई।
• पुलिस उप महानिरीक्षक, यातायात निदेशालय, उ0प्र0 द्वारा Accident Investigation, Black Spot एवं Case Study आदि विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

ZFD योजना के सकारात्मक परिणाम-

• उल्लेखनीय है कि Zero Fatality District (ZFD) योजना प्रदेश के समस्त कमिश्नरेट/जनपदों के सर्वाधिक दुर्घटना बाहुल्य 700 स्थानों पर लागू है, जिसके सार्थक एवं सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं।
• ZFD योजना से आच्छादित स्थानों पर जनवरी से अगस्त 2026 तक गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं, मृतकों एवं घायलों की संख्या में क्रमशः 6.97 प्रतिशत, 8.03 प्रतिशत एवं 6.11 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
• इस अवधि में सड़क दुर्घटनाओं में 1,255 की कमी हुई, अर्थात प्रतिदिन औसतन लगभग 07 दुर्घटनाएं कम हुईं। इसी प्रकार 1,107 अमूल्य मानव जीवन बचाने में सफलता प्राप्त हुई, अर्थात प्रतिदिन औसतन लगभग 05 जीवन बचाए गए।

जहाँ दुर्घटनाएं अधिक, वहाँ कार्रवाई अधिक’ के सिद्धांत पर केंद्रित है ZFD-

• Zero Fatality District योजना Core Strategy – Focused Intervention पर आधारित है, जिसके अंतर्गत “जहाँ दुर्घटनाएं अधिक, वहाँ कार्रवाई अधिक” के सिद्धांत को अपनाया गया है।
• योजना के अंतर्गत Scientific Analysis के आधार पर ऐसे स्थानों को निरंतर चिन्हित किया जा रहा है, जहाँ सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु अतिरिक्त एवं लक्षित हस्तक्षेप की आवश्यकता है। यातायात निदेशालय स्तर से इन स्थानों पर गठित क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों के प्रभारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नियमित रूप से संवेदित एवं मार्गदर्शित किया जा रहा है।
• ZFD योजना के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु वैज्ञानिक विश्लेषण, लक्षित प्रवर्तन, प्रभावी संसाधन उपयोग, सड़क अभियांत्रिकी संबंधी कमियों का निराकरण तथा अंतरविभागीय समन्वय पर विशेष बल दिया जा रहा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं एवं उनमें होने वाली जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान कमिश्नरेट कानपुर के थाना विधनू, जनपद बाराबंकी के थाना कोतवाली नगर व जनपद सुल्तानपुर के थाना कोतवाली नगर में Zero Fatality District योजना के अंतर्गत अच्छा कार्य करने वाली क्रिटिकल कॉरिडोर टीम के प्रभारियों एवं सदस्यों को पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान मयंक ज्योति, अपर परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश एवं के0एस0 इमैन्युअल पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस महानिदेशक के जीएसओ सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहें।