राजस्थान के 7 शहरों में पहली बार मल्टी स्पोर्ट्स खेलों का हुआ आयोजन – डॉ नीरज पवन
30 जनवरी, 2026 जयपुर। राजस्थान के इतिहास में पहली बार राष्ट्रीय स्तर के खेल का आयोजन 5वें खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 रूप में किया गया। इसमें देश भर से 24 खेलों के 4448 खिलाडियों ने भाग लिया। सात संभागो में आयोजित इन खेलों के सफल आयोजन की देशभर में प्रशंसा की गई। इस दौरान निर्विवाद खेल आयोजन, आवास, भोजन और आवागमन की सुविधा की सभी ने भरपूर प्रशंसा की।
शासन सचिव युवा मामले एवं खेल विभाग, राजस्थान सरकार और अध्यक्ष राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद डॉ. नीरज के पवन ने बताया कि केन्द्र सरकार व राज्य सरकार के संयुक्त तत्वाधान में 5वें खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 का भव्य आयोजन प्रदेश में किया गया, जिसमें 07 शहर, 12 दिन. 222 यूनिवर्सिटीज, 23 पदक खेलों में 4448 प्रतिभागियों ने भाग लिया। 11 नये रिकोर्ड बने 42 गोल्ड सहित 67 पदक जीत चंडीगड यूनिवर्सिटी टॉप पर रही।
उन्होने बताया कि 5वें खेलों इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 के दौरान इस्तेमाल किए गए सभी उपकरण नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (NSFs) और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के संबंधित कॉम्पिटिशन मैनेजर द्वारा अप्रूव्ड स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार खरीदे गए थे। उपकरण स्टैंडर्ड के थे और ओलम्पिक चार्टर के द्वारा सुझाए गए ब्रांड ही थे। इवेंट्स से पहले कॉम्पिटिशन मैनेजर्स, टेक्निकल अधिकारियों और रेफरी द्वारा निरीक्षण किया गया और उनके सिग्नेचर रिकॉर्ड पर लिए गए थे। साथ ही जूरी के पास अपील के दौरान भी कोई तकनीकी प्रोटेस्ट सामने नहीं आया।
डॉ. नीरज के पवन ने बताया कि पिछले पांच सालो में खिलाडियों की सबसे ज्यादा भागीदारी राजस्थान में रही। यहां 24 खेलों में 4448 ने भाग लिया। कुछ इवेंटस में खिलाडियों की कम भागीदारी का कारण उनका कॉलेज बदलना और जॉब लगना मुख्य कारण रहा। गत वर्ष आसाम में 3658, वर्ष 2023 में उत्तरप्रदेश में 3613, वर्ष 2022 कर्नाटक में 3894 और वर्ष 2020 उडीसा में KIUG खेलों में 3166 खिलाड़ियों ने भाग लिया।
उन्होने बताया कि रही बात खाने की तो इवेंट के लिए मेन्यू KIUG आयोजन समिति द्वारा प्रस्तावित किया गया था और SAI द्वारा उनके पोषण मानदंडों के अनुसार निम्नलिखित कारकों के आधार पर अप्रूव्ड किया गया था। जिसमें कैलोरी बेंचमार्क जैसे 2200, 4500 व 9000 था। साथ ही एथलीट के लिए उपयुक्त भोजन चक्र खाने की क्वालिटी की धारणा अलग-अलग होती है। क्षेत्रीय स्वाद की पसंद, सांस्कृतिक खाने की आदतें शामिल है, जिसके तहत वेज व नॉन वेज दोनो का भोजन में समावेश किया गया, जिसे खिलाडियो और अधिकारियों ने सराहा भी। भारत सरकार के सचिव (KIUG निदेशक) ने भी फूड क्वालिटी की प्रशंसा की।
उन्होंने बताया कि कई स्थानों और इवेंट्स में बड़ी संख्या में एथलीट और स्वयंसेवकों के भाग लेने के कारण, भोजन का समय तय करना एक लॉजिस्टिकल चुनौती थी, खासकर जब इवेंट्स अनुमानित समय से आगे बढ़ गए और सुबह जल्दी देर शाम के मैच थे। जहां भी छोटी-मोटी देरी की रिपोर्ट मिली, वहां बारी-बारी से सर्विस देकर तुरंत समस्या को हल किया गया।
उन्होने बताया कि होटलों से स्टेडियम तक आने-जाने की उचित व्यवस्था की गई थी। खिलाडियों को होटल से मैच वेन्यू पर लाने ले जाने के लिए बसों व अन्य गाड़ियों की व्यवस्था की गई थी। ट्रेवल एजेन्सियों के साथ ही राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी इस कार्य के लिए तैनात किया गया था, जिन्होने दिन रात जुटकर इस कार्य को बखूबी निभाया। KIUG के दौरान खिलाडियों के औचक परीक्षण की व्यवस्था भी की गई थी। इसके लिए NADA के एक्सपर्ट यहां लगाये गये थे।


