Sunday, July 12, 2026
Jharkhand

विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आयोजित हुई कार्यशाला

11 जुलाई, 2026 राँची। स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफ़ान अंसारी ने कहा कि झारखंड के मरीजों का पूरा भार एक ही रिम्स पर है। केंद्रीय स्वाथ्य मंत्री से रांची में एक एम्स की स्थापना पर बात हुई है साथ ही रिम्स-2 भी जल्द अस्तित्व में आएगी। स्वास्थ्य विभाग को दुरुस्त कर झारखंड के अंतिम पायदान के व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवायेंगे। साहिया बहनों से जुड़ी समस्याओं के बारे में भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को अवगत कराया गया है। साहिया बहनों के लिए 400 छोटे एम्बुलेंस के माँग की गई है। नर्सिंग कॉलेज खोलने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किए जा रहे हैं। सी सेक्शन प्रसव के लिए राज्य के सभी सदर अस्पताल में एक सेंटर खोलने की योजना है। सदर अस्पताल में सभी स्पेशलिस्ट डॉक्टर रहेंगे उनका वार्ड होगा। सभी लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगा। सभी एक दूसरे के सहयोग से राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों को देने का काम करें। राज्य के सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज की स्थापना करने का प्रयास किया जा रहा है। मंत्री डॉ इरफान अंसारी होटल बीएनआर चाणक्या, रांची में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने इस अवसर पर अंतरा पोस्टर, इम्प्लांट और पीपीएफ पोस्टर का अनावरण किया। साथ ही जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रम एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों, सहियाओं, एएनएम, एवं अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया।

मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार जनसंख्या नियंत्रण पर कई कार्यक्रम चला रही है। परिवार नियोजन और जनसंख्या नियंत्रण के कई उपायों को अपनाने हेतु कई कार्यक्रम किए जा हैं। और इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग में बेहतर काम करने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित भी किया गया है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या को बेहतर सुधारें मुहैया कराना राज्य सरकार के चुनौती है और हम इस चुनौती को पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस बढ़ती आबादी तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर योजनाओं को बनाना हमारा लक्ष्य है। ताकि रोजगारों के अवसर विकसित हो और राज्य विकसित हो। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हुए इन्वेस्टर कॉनक्लेव में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का विज़न दिखा। निवेश में मेडिकल क्षेत्रों में भी समान अवसर देखने को मिला

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अजय कुमार सिंह ने कार्यक्रम में सम्मानित लोगों को बधाई देते हुए कहा कि जनसंख्या दिवस मनाने का उद्देश्य बढ़ती जनसंख्या पूरे विश्व में सामने बड़ी चुनौती है। इस दिवस के माध्यम से लोगों को जागरूक करते हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या को हमलोग चुनौती नहीं बल्कि अवसर के रूप में लेकर मानव संसाधन को कैसे उपयोग कर विकसित देश और राज्य बना सकें इस दिशा में कार्य करना है। मानव संसाधन का बेहतर उपयोग के लिए राज्य सरकार कई योजनाएं और कार्यक्रम चला रही है। एनएचएम का कार्यक्रम मैटरनिटी और चाइल्ड केयर पर फोकस्ड है। बेहतर शिक्षा, कौशल विकास के माध्यम से युवाओं का कौशल विकास किया जा रहा है ताकि युवा वर्ग का बेहतर उपयोग कर देश एवं राज्य के विकास में सहयोग मिल सके। स्वास्थ्य विभाग का सभी कार्यक्रम मानव संसाधन के विकास पर ही केंद्रित है और आप सभी स्वास्थ्य कर्मी इस दिशा में बेहतर काम कर रहे हैं लेकिन इससे और जायदा बेहतर काम करने की जरूरत है। इन्फेंट मोटरिलिटी रेट और कुपोषण पर और बेहतर काम करने की जरूरत है और यह आपकी ज़िम्मेदारी है। गाँव में लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करने की बहुत आवश्यकता है। सदर अस्पताल में टेलीरेडियोलॉजी सेंटर खोला है। नए नए तकनीक का प्रयोग कर रहे हैं। अभी सदर अस्पताल में प्रसव में सी सेक्शन के मामले ज़्यादा आते है। सरकार का लक्ष्य सी सेक्शन को सदर अस्पताल से नीचे लाना है इस हेतु हर जिला में एक स्पेशल सेंटर खोला जाएगा जहाँ सी सेक्शन डिलीवरी होगा। सी सेक्शन के लिए 100 बेड का सेंटर हर अस्पताल में होगा। सब सेंटर और सीएचसी में सी सेक्शन ऑपरेशन आने वाले दो वर्षों में करने का लक्ष्य है। मइयाँ सम्मान योजना में महिलाओं को सशक्त किया जा रहा है। इस तरह की योजनाओं से सशक्त करना सरकार की प्राथमिकता है। इस तरह कार्यशाला को सभी सब सेंटर में करने का प्लान तैयार करें।

अभियान निदेशक राष्ट्रीय स्वस्थ मिशन शशि प्रकाश झा ने कहा कि दुनिया में भारत आबादी के मामले में पहले पायदान पर है। बढ़ती आबादी से लोगों को मिलने वाली सुविधाओं पर असर पड़ता है । जनसंख्या नियंत्रण क्वालिटी ऑफ़ लाइफ के लिए की जाती है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है। बीमारियों से होने वाली मौतों पर हमने काबू पाया है। इस कारण भी आबादी में सुधार हुआ है । जागरूकता के माध्यम से भी हम बढ़ती जनसंख्या को काबू कर सकते हैं। जनसंख्या नियंत्रण से आर्थिक,सामाजिक और बौद्धिक विकास में भी सफलता मिलेगी।

सिविल सर्जन रांची डॉ प्रभात कुमार ने कहा कि भारत की आबादी तेजी से बढ़ रही है। युवा आबादी का कौशल विकास होगा तभी भारत के विकास में गति दे पाएंगे। बढ़ती आबादी के कारण संसाधन पर दबाव बढ़ेगा। आबादी के कारण इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण, भूमिगत जल को नुकसान पहुंचेगा। कम उम्र में विवाह को नियंत्रित करना है। साथ ही उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण के लिए कई उपायों पर बात की। राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ पुष्पा ने विश्व की बढ़ती जनसंख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए परिवार नियोजन और अन्य उपायों पर जानकारी दी। बढ़ती जनसंख्या के कारण होने वाली समस्याओं पर बात रखीं। जनसंख्या नियंत्रण पर झारखंड सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी ।

कार्यशाला में उपस्थित चिकित्सकों ने जनसंख्या नियंत्रण पर अपने कार्य अनुभव और उपाय पर अपने विचार रखे। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यशाला में परिवार नियोजन और अन्य जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रम पर विस्तार से प्रकाश डाला गया ।

कार्यशाला में नोडल पदाधिकारी गुणवत्ता कोषांग डॉ रंजीत, नोडल पदाधिकारी परिवार नियोजन कोषांग डॉ पुष्पा, सिविल सर्जन खूंटी, डॉ ललित रंजन पाठक, डॉ रवि रंजन, डॉ एन डी मिश्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, मुखिया, स्वास्थ्य कर्मी आदि उपस्थित थे।