राज्यपाल की प्रेरणा से 600 बालिकाओं का हुआ एचपीवी टीकाकरण
28 जुलाई, 2026 वाराणसी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से जनपद वाराणसी में 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की 300 बालिकाओं तथा पुलिस लाइन, चंदौली में 300 बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन लगाई गई। आज कुल 600 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण किया गया।
इसके साथ ही जनपद चंदौली के आदिवासी एवं जनजातीय क्षेत्रों में निवासरत 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की कुल 20,316 बालिकाओं के निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण का कार्य प्रारंभ हो चुका है।

उल्लेखनीय है कि यह टीकाकरण अभियान प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से 4 फरवरी, 2026 को जन भवन, लखनऊ में जन भवन एवं सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे के मध्य संपन्न हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। इस एमओयू के अंतर्गत प्रदेश के आठ आकांक्षी जनपदों की 1.50 लाख बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन की कुल 3 लाख निःशुल्क डोज उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है, जिसमें आकांक्षी जनपद चंदौली भी शामिल है।
राज्यपाल ने टीकाकरण के उपरांत बालिकाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
अपने संबोधन में राज्यपाल पटेल ने कहा कि एचपीवी वैक्सीन बेटियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने वाला एक प्रभावी एवं सुरक्षित सुरक्षा कवच है। उन्होंने बालिकाओं एवं उनके अभिभावकों से अपील करते हुए कहा, ‘डरिए मत, सामना कीजिए। यह वैक्सीन आपकी सुरक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक शोधों से यह सिद्ध हो चुका है कि एचपीवी वैक्सीन भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करने में सुरक्षित एवं प्रभावी है।

राज्यपाल ने अभिभावकों से किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रांति अथवा अनावश्यक आशंकाओं से दूर रहते हुए अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण कराने का आग्रह किया। उन्होंने समाज में बेटों और बेटियों के बीच भेदभाव की मानसिकता समाप्त करने पर बल देते हुए कहा कि स्वस्थ बेटी ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला है।
राज्यपाल ने समाज के सक्षम नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों से भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग तथा आर्थिक योगदान देने की अपील की, ताकि कोई भी बेटी इस महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच से वंचित न रहे।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस.एस. कन्नौजिया सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

