स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जन भवन में हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम
14 अगस्त, 2026 लखनऊ। प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जन भवन के बड़े लॉन स्थित पंडाल में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जन भवन तथा राजकीय बालिका गृह, सिंधीखेड़ा, लखनऊ के बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता एवं आत्मविश्वास का परिचय दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जन भवन विद्यालय के विद्यार्थियों व राजकीय बालिका गृह सिंधी खेड़ा की छात्राओं द्वारा गणपति पूजा एवं वंदना, भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित नृत्य, सम्राट अशोक, महाराणा प्रताप एवं स्वामी विवेकानंद के जीवन पर एकल अभिनय, ‘माँ’ विषय पर कविता एवं स्टोरी टेलिंग, कविता पाठ, बांसुरी वादन तथा देशभक्ति गीतों की मनोहारी प्रस्तुतियां दी गईं। विद्यार्थियों द्वारा ‘वन्दे मातरम्’ गीत पर प्रस्तुत सामूहिक नृत्य ने वातावरण को राष्ट्रभक्ति के भाव से ओत-प्रोत कर दिया।
इस अवसर पर जन भवन विद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा जन भवन की विभिन्न गतिविधियों एवं प्रयासों पर संवाद भी प्रस्तुत किया गया। पंचतंत्र वाटिका, नक्षत्र एवं राशि वाटिका, बोनसाई गार्डेन, मियावाकी वन तथा गौशाला आदि के माध्यम से बच्चों को प्रकृति, पर्यावरण, भारतीय ज्ञान परंपरा एवं जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील बनाने के प्रयासों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया।

राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की प्रतिभा को केवल कक्षा में देखकर पूरी तरह नहीं पहचाना जा सकता। मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने से बच्चों की विभिन्न क्षमताओं एवं गुणों को पहचानने का अवसर मिलता है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों की रुचि एवं प्रतिभा को पहचानकर उसी अनुरूप कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिससे उन्हें अपनी क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिले।
राज्यपाल ने पंचतंत्र वाटिका से संबंधित बच्चों की प्रस्तुति की विशेष सराहना करते हुए कहा कि जब बच्चे किसी विषय पर कार्यक्रम तैयार करते हैं तो उस विषय का गहन अध्ययन करते हैं। प्रश्न पूछने और उनके उत्तर खोजने की प्रक्रिया से उनके ज्ञान में वृद्धि होती है तथा विषय की समझ बेहतर होती है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों के पाठ्यक्रम एवं अध्ययन से जुड़े विषयों पर ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि छोटी उम्र में बच्चों को दिए गए संस्कार एवं ज्ञान जीवनभर उनके साथ रहते हैं। बच्चों में शिक्षा के साथ देशभक्ति, अनुशासन, जिम्मेदारी, संवेदनशीलता तथा सही-गलत में अंतर समझने की सोच विकसित करना आवश्यक है।
राज्यपाल ने कहा कि आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जन भवन में गरीब व वंचित परिवारों के बच्चों का नामांकन कराया गया है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों के विद्यालय में आने के बाद उनके व्यक्तित्व एवं व्यवहार में आए परिवर्तन का निरंतर आकलन किया जाना चाहिए। बच्चों में राष्ट्रप्रेम के साथ समाज एवं देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना हम सभी का दायित्व है।
नशामुक्ति के संबंध में राज्यपाल ने बच्चों से अपने घर एवं समाज में नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि परिवार में कोई सदस्य नशे का सेवन करता है तो बच्चे भी उसे नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि जन भवन को नशामुक्त बनाने के प्रयासों की शुरुआत प्रवेश द्वार से ही हो तथा परिसर में बाहर से किसी भी प्रकार की नशीली सामग्री प्रवेश न करने पाए।
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत बांसुरी वादन की भी राज्यपाल महोदया ने विशेष सराहना की। उन्होंने निर्देश दिए कि आदर्श माध्यमिक विद्यालय के साथ-साथ जन भवन के बाहर स्थित विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को भी ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के अवसर प्रदान किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक बच्चों की प्रतिभा को मंच मिल सके।
राज्यपाल ने सभी प्रतिभागी बच्चों, शिक्षकों तथा कार्यक्रम के आयोजन से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान को स्मरण करने तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति अपने दायित्वों का संकल्प लेने का अवसर भी है।
इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी (अपर मुख्य सचिव स्तर) राज्यपाल, डॉ0 सुधीर महादेव बोबडे, जन भवन के अधिकारी, कर्मचारीगण व जन भवन में अध्यासित परिवारजन, जन भवन आदर्श माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राएं, अभिभावकगण, अध्यापकगण आदि उपस्थित रहे।

