पीसीसी अध्यक्ष अजय राय ने नवनिर्मित लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाली पर राज्यपाल को लिखा पत्र
11 अगस्त, 2026 लखनऊ। उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने प्रदेश की राज्यपाल को पत्र लिखकर हाल ही में नवनिर्मित लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की लगातार बिगड़ती हालत पर हस्तक्षेप करने एवं प्रधानमंत्री के समक्ष इस व्यापक जनहित के मामले को उठाए जाने के संबंध में अनुरोध किया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने महामहिम को लिखे पत्र में कहा है कि हाल ही में आपने गोरखपुर जिले में प्रदेश की सरकार और विशेष रूप से मुख्यमंत्री के क्षेत्र में जनसुविधाओं और प्रशासन की खराब स्थिति पर जिस स्पष्टता से अपनी चिंता सार्वजनिक रूप से रखी, वह निश्चित रूप से सराहनीय है। आपने यह संदेश दिया कि राज्यपाल केवल औपचारिक पद पर बैठा व्यक्ति नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के हित और अधिकारों के प्रति भी सजग है।
इसी संदर्भ में आपका ध्यान विगत 13 जुलाई को बड़े स्तर पर उद्घाटित लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर दिलाया जाता है। लगभग 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस मार्ग को आधुनिक और तेज यातायात की बड़ी उपलब्धि बताया गया था। लेकिन उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क के बार-बार धंसने, बड़े गड्ढे बनने, जल निकासी की खराब व्यवस्था, पुलों के हिस्सों और क्रैश बैरियर में दरार तथा मरम्मत के बाद फिर सड़क खराब होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इस मार्ग पर उद्घाटन के दो दिन बाद ही एक गंभीर दुर्घटना में बाइक सवार की मृत्यु भी हुई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पत्र में लिखा है कि इस हाईवे की स्थिति इतनी गंभीर हुई कि एनएचएआई को मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली रोकनी पड़ी। अब इस कारण सरकार को लगभग 575 करोड़ रुपये की राजस्व हानि होने की बात सामने आ रही है। सवाल यह है कि 4,200 करोड़ रुपये जनता के पैसे से खर्च करने के बाद इतनी जल्दी सड़क की यह हालत क्यों हुई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है? निश्चित ही केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुखिया को इस विफलता की जिम्मेदारी लेना चाहिए। सूचना है कि निर्माण करने वाली ठेकेदार कंपनी भाजपा के राज्यसभा सांसद के भाई से जुड़ी हुई है, इसलिए उसको बचाए जाने पर पूरा जोर लगाया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पत्र में लिखा है कि आप प्रदेश की संवैधानिक मुखिया हैं, ऐसे में जब आपने गोरखपुर में प्रदेश के प्रशासन और जनहित से जुड़े मामले को सार्वजनिक रूप से उठाया है, तो इस राष्ट्रीय राजमार्ग की दुर्दशा पर भी आपकी आवाज उठना स्वाभाविक और अपेक्षित है। इसलिए अब आपका नैतिक दायित्व और भी बढ़ जाता है कि आप इस मामले को अपने प्रदेश की जनता की आवाज मानकर स्वयं प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के समक्ष उठाएं। यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इस परियोजना का उद्घाटन केंद्र और राज्य के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति में हुआ था और इसकी जिम्मेदारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा एनएचएआई से जुड़ी है।

