Thursday, June 25, 2026
Uttar Pradesh

आंगनबाड़ी भर्ती, पीएनजी कनेक्शन और अन्नपूर्णा भवन निर्माण में तेजी लाने के निर्देश – मुख्य सचिव

24 जून, 2026 लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर विभिन्न विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

पीएम सूर्यघर योजना की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने बताया कि उत्तर प्रदेश ने मार्च, अप्रैल और मई 2026 में लगातार तीन महीनों तक 50 हजार से अधिक घरों में सौर ऊर्जा आधारित संयंत्र स्थापित कर देश में नया रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश को क्यूम्यूलेटिव हाउसहोल्ड सोलराइजेशन में भी देश में प्रथम स्थान दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन को इंस्टॉलेशन में परिवर्तित करने का लक्ष्य रखा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि ऋण आवेदनों का समयबद्ध अनुमोदन हो, ऋण स्वीकृति के बाद लंबित भुगतान (डिस्बर्सल) तत्काल हो तथा अनावश्यक कारणों से किसी भी आवेदन को अस्वीकृत न किया जाए। निष्क्रिय वेण्डर्स को सक्रिय करने एवं आवश्यकता अनुसार नए वेण्डर्स को जोड़ने की कार्यवाही की जाए। उन्होंने लाभार्थियों को मिलने वाले बिजली बिल में बचत के आंकड़े संकलित कर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिकाधिक नागरिक योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित हों।

वेटलैण्डस संरक्षण एवं रामसर साइट अधिसूचित किए जाने की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि सभी वेटलैंड्स पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। शेष जनपद प्राथमिकता के आधार पर वन विभाग को प्रस्ताव भेजना सुनिश्चित करें। विशेष रूप से यमुना नदी के पांच किलोमीटर क्षेत्र में स्थित आर्द्रभूमियों के प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में अवगत कराया गया कि 26 जनपदों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर 101 वेटलैंड्स अधिसूचित किए जा चुके हैं, जबकि 36 जनपदों से 44 नए प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वहीं लखनऊ, पीलीभीत, सीतापुर, हापुड़ एवं झांसी से वेटलैंड्स तथा एटा, गौतमबुद्ध नगर, गोंडा, हरदोई, महोबा, बलिया, इटावा एवं बिजनौर से बर्ड सेंचुरी एवं रामसर साइट के लिए अभी तक कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है।

अन्नपूर्णा भवन निर्माण की समीक्षा में मुख्य सचिव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 500 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त है। 23 जनपदों द्वारा कार्ययोजना प्रेषित की जा चुकी है, जबकि शेष 52 जनपद भूमि चिन्हांकन कर शीघ्र कार्ययोजना विभागीय पोर्टल पर अपलोड कराएं। उन्होंने निर्देश दिए कि भवन निर्माण के लिए ऐसी भूमि का चयन किया जाए जो परिवहन मार्ग से जुड़ी हो तथा आबादी और आवासीय क्षेत्रों के निकट स्थित हो। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत भवनों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। अनारम्भ भवनों का निर्माण कार्य अविलम्भ प्रारम्भ कराया जाए।

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2,576 भवनों के लिए धनराशि जारी की गई थी, जिनमें 46 भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, 2,228 भवन निर्माणाधीन हैं तथा 302 भवनों का कार्य अभी प्रारंभ नहीं हुआ है।

पीएनजी कनेक्शन की स्थिति की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में लगभग 16 लाख नए पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य को जनपदवार विभाजित किया गया है। सभी जिलाधिकारी जिला स्तरीय समितियों की साप्ताहिक बैठक कर लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करें तथा सीजीडी इकाइयों से संबंधित अनुमति एवं लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराएं।

बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की समीक्षा में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन जनपदों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों के लिए विज्ञापन प्रकाशित नहीं हुए हैं, वहां तत्काल विज्ञापन प्रकाशित कराएं, साथ ही सभी जनपदों द्वारा भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराया जाए।

उन्होंने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना” के अंतर्गत उपलब्ध धनराशि का शत-प्रतिशत प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप जनजागरूकता अभियान, वाल पेंटिंग, नुक्कड़ नाटक, संवाद कार्यक्रम एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन करने पर विशेष बल दिया।

बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *