राज्य निर्वाचन आयुक्त ने किया “युवा मतदाताओं” से संवाद
12 अगस्त, 2026 जयपुर। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान कहा कि युवा मतदाता लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें अपने मताधिकार के महत्व से परिचित कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवा अपने आसपास के लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित कर जन-जागरूकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह राजकीय महाविद्यालय, जयपुर में आयोजित “युवा मतदाता संवाद कार्यक्रम” में मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के निर्माण में महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर, सरदार पटेल, जवाहरलाल नेहरू और मौलाना आजाद सहित अनेक महान व्यक्तित्वों का योगदान रहा है। आज के युवाओं को उनके विचारों और देश के प्रति योगदान से प्रेरणा लेकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने युवाओं से कहा कि वे वर्तमान सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों को समझें तथा किसी भी विषय पर अपना मत बनाने से पहले तथ्यात्मक जानकारी का अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में अध्ययन और विश्लेषण की आदत विकसित होना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से चिन्तन, मनन, विवेचन और विश्लेषण से अपना मत तय करने का आह्वान किया। निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि युवा मतदाताओं के आवश्यक रूप से अपना मतदाता पहचान-पत्र बनवाना चाहिये और आगामी चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिये। साथ ही अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों और पंचायतों में जनता को स्वयं जागरुक होकर निष्पक्ष और स्वच्छ छवि के आधार जन प्रतिनिधि का चुनाव करना चाहिये।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के निर्वाचन साक्षरता क्लब (ELC) की ओर से वर्षभर आयोजित किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। ईएलसी प्रभारी प्रो. गोविन्द शरण शर्मा ने बताया कि महाविद्यालय में युवाओं को चुनावी प्रक्रिया तथा लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी के प्रति जागरूक करने के लिए निबंध, कविता पाठ, पोस्टर एवं रंगोली सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने राज्य निर्वाचन आयुक्त से विभिन्न विषयों पर संवाद किया और मतदान तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े प्रश्न पूछे। इससे पहले महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रविकांत शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
उल्लेखनीय है कि “युवा मतदाता संवाद कार्यक्रम” भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयोगों द्वारा युवाओं को लोकतंत्र से जोड़ने और मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए चलाया जाने वाला एक विशेष अभियान है। इसके तहत शिक्षण संस्थानों और युवाओं के बीच संवाद आयोजित कर उन्हें चुनावी प्रक्रिया की जानकारी दी जाती है।

