Saturday, July 4, 2026
NationalRajasthan

हमारी सरकारें सिर्फ शिलान्यास नहीं करतीं, बल्कि परियोजनाओं का लोकार्पण भी करती हैं – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

4 जुलाई, 2026 पचपदरा/जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी ने कहा कि चुनौती चाहे कितनी भी बड़ी और अप्रत्याशित क्यों ना हो नया भारत अपने संकल्पों से ना पीछे हटता है ना ही अपनी रफ्तार कम करता है। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े देश आज ईंधन की किल्लत से जूझ रहे हैं, लेकिन 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट पर नए भारत की इच्छा-शक्ति और प्रयास भारी पड़े।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बालोतरा के पचपदरा में आयोजित एक भव्य समारोह में एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी सहित 1 लाख 5 हजार करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद प्रदेशवासियों को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा सहित मंत्रीगण, सांसद, विधायकगण एवं मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल तथा एचपीसीएल के सीएमडी भी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद भारत ने दूरदर्शी नीति, प्रभावी रणनीति और मजबूत कूटनीति के बल पर देश को ऊर्जा संकट से सुरक्षित रखा। भारत ने हर स्तर पर सही फैसले लेते हुए संकट का समय रहते सटीक आंकलन किया और प्रभावी रणनीति बनाई। उन्होंने कहा कि देश के संसाधनों के संतुलित प्रयोग, डिप्लोमेटिक पावर के सकारात्मक इस्तेमाल और एक दशक से चल रही दूरदर्शी नीतियों के कारण देश इस अप्रत्याशित चुनौती से उबर पाया।

उन्होंने कहा कि जब सार्वजनिक तौर पर कुछ ताकतें अफवाह और आशंका फैलाने में व्यस्त थीं, तब दिन-रात मेहनत करते हुए स्थिति को संभालने के लिए नीतिगत और कूटनीतिक स्तर पर अभूतपूर्व कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि देशवासियों को देश की क्षमताओं और सूझबूझ पर भरोसा था। वे इस मुश्किल समय में देश के साथ मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने अफवाह, डर और भ्रम फैलाने वालों का सामना किया और देश में अस्थिरता फैलाने की साजिशों को नाकाम किया। देश उसी विश्वास के भरोसे आगे बढ़ पाया। उन्होंने कहा कि जो लोग भारत को असफल होते देखना चाह रहे थे। इसके लिए भविष्यवाणी करने लग गए थे, वो आज निराशा के गर्त में पड़े हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ’नागरिक देवो भवः’ की भावना से काम करती है। हमारे लिए राष्ट्रहित और राष्ट्र के नागरिकों का हित सर्वाेपरि है। युद्ध से पहले भारत 25-26 देशों से ही ईंधन का आयात करता था। लेकिन संकट के समय भारत की डिप्लोमेसी का जलवा दिखा और युद्ध के दौरान ही भारत 40 से ज्यादा देशों से ईंधन मंगाने लगा। उन्होंने कहा कि हमारी जरूरतों की करीब 60 प्रतिशत एलपीजी अन्य देशों से आयात की जाती थी। इसमें से भी 90 प्रतिशत एलपीजी खाड़ी देशों से आ रही थी और युद्ध के हालात ने इसे लगभग बंद कर दिया, लेकिन हमने संकट शुरू होते ही रिफाइनरीज के सामर्थ्य पर फोकस किया। औद्योगिक काम के लिए जो गैस बनती थी उसकी जगह रिफाइनरीज को रसोई गैस-एलपीजी बनाने के लिए कहा गया। जिससे सप्ताह भर में एलपीजी उत्पादन 35 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 54 हजार मीट्रिक टन हो गया। साथ ही बहुत कम समय में करीब 11 लाख से ज्यादा घरों को पीएनजी कनेक्शन से जोड़ा गया। इन प्रयासों ने घरेलू उपभोक्ताओं पर बोझ नहीं पड़ने दिया। अभी भी घरेलू एलपीजी सिलेंडर 950 रुपए और उज्ज्वला सिलेंडर 650 रुपये से भी कम में दिया जा रहा है। वहीं, कॉमर्शियल गैस की कीमतों में बड़ी कटौती भी की गई है।

उन्होंने कहा कि युद्ध की वजह से क्रूड ऑयल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से 120 डॉलर तक पहुंच गई थीं। दुनिया के कई देशों में डीजल-पेट्रोल की कीमतें 50 प्रतिशत तक बढ़ गई, तो कई देशों में डीजल-पेट्रोल कोटे के आधार पर मिलने लगा था, लेकिन भारत में एक दिन के लिए भी ऐसे हालात नहीं आए। दूर-दराज इलाकों में भी सप्लाई की कोई बड़ी चुनौती नहीं आई। अप्रैल से जून के बीच डीजल-पेट्रोल में 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक का घाटा कंपनियों को उठाना पड़ा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार ने उठाई। वहीं, एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी लाकर हमने जनता पर बड़ा बोझ नहीं पड़ने दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में दुनिया में खाद का बड़ा संकट भी पैदा हुआ। यूक्रेन युद्ध के बाद एक समय एक यूरिया बोरी की कीमत 3 हजार रुपए से भी ऊपर पहुंच गई थी। लेकिन हमने आपूर्ति मार्ग प्रभावित होने पर वैकल्पिक रास्ते तलाशे और दूसरे देशों से उर्वरक खरीदने की पहल की। साथ ही घरेलू उत्पादन पर भी पूरा ध्यान दिया। हमनें लाखों करोड़ रुपये की सब्सिडी देते हुए किसानों को केवल 300 रुपये में यूरिया उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया।

उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को राहत देने के लिए इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना का विस्तार किया गया, जिसके तहत 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त ऋण दिया गया और इस पर शत-प्रतिशत सरकारी गारंटी प्रदान की गई। ऐसे ही अनेक फैसलों के कारण आज हमारे छोटे-बड़े उद्योग खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वाभिमान तभी ऊंचा रह सकता है जब हम आत्मनिर्भर हों। इस दृष्टि से यह रिफाइनरी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह रिफाइनरी हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी तथा राजस्थान के औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकारें केवल शिलान्यास नहीं करतीं, बल्कि परियोजनाओं को धरातल पर उतारकर जनता को समर्पित भी करती हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में राजस्थान रिफाइनरी के लिए एमओयू हुआ था, लेकिन वर्ष 2018 से 2023 तक राजस्थान की पूर्ववर्ती सरकार के असहयोग के कारण काम लगभग ठप रहा। डबल इंजन सरकार आते ही इसका काम तेजी से आगे बढ़ा और आज इसका लोकार्पण किया गया है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका में पिछले 50 वर्षों में एक भी नई रिफाइनरी नहीं बनी है। यूरोप की रिफाइनरी क्षमता कम हुई है, जबकि भारत ने अपनी रिफाइनरी क्षमता को लगातार बढ़ाया है और आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी रिफाइनरी क्षमता वाला देश बन चुका है। उन्होंने कहा कि दो महीने पहले पचपदरा रिफाइनरी में जो हादसा हुआ, उसके बाद इतनी तेजी से काम पूरा कर लेना परिश्रम की पराकाष्ठा का उदाहरण है।
 
प्रधानमंत्री ने कहा कि नीयत साफ हो तो कठिन से कठिन लगने वाले संकल्प भी सिद्ध हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मैं जब गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब हमने गुजरात में पानी पहुंचाने की योजनाओं पर काम किया और राजस्थान को पानी देने की बात आई तो गुजरात ने राजस्थान के साथ भी पानी साझा किया। आज राजस्थान के कई गांवों तक नर्मदा का पानी पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि अब राजस्थान और हरियाणा सरकार मिलकर शेखावटी तक पानी पहुंचाएंगे। शेखावटी क्षेत्र के जल संकट को दूर करने का इंतजार भी खत्म होने जा रहा है। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से राजस्थान और हरियाणा के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ है, जिसके अंतर्गत हथिनीकुंड बैराज से पाइपलाइन के माध्यम से शेखावटी क्षेत्र तक पानी पहुंचाया जाएगा। लगभग 34 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना से सीकर, झुंझुनूं, चूरू तथा आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अपर यमुना बेसिन में रेणुका, लखवार और किशाऊ बांधों का निर्माण पूरा होने पर राजस्थान को और लाभ होगा। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए संचालित अभियानों से प्रदेश में भूजल स्तर सुधारने में भी महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें प्रगति की नई ऊंचाइयों को भी छूना है और पर्यावरण का संरक्षण भी करना है। ऊर्जा के दूसरे स्रोतों पर काम करते हुए राजस्थान में विश्वस्तरीय सोलर पार्क बनाने का काम चल रहा है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत राजस्थान में डेढ़ लाख से ज्यादा घरों को सोलर से जोड़ा जा चुका है। पीएम कुसुम योजना में राजस्थान में किसानों को 65 हजार से ज्यादा सोलर पंप दिए गए हैं। वहीं, राजस्थान में जल संरक्षण के लिए ‘जल संचय, जन भागीदारी’ बड़ी भूमिका निभा रहा है। देश में इस अभियान के तहत जल संरक्षण के लिए करीब 25 लाख और राजस्थान में सवा लाख से ज्यादा सोक पिट्स बनाए गए हैं। उन्होंने सरकारी नियुक्ति प्राप्त करने वाले प्रदेश के 54 हजार युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लगातार तीसरी बार देश की जनता का विश्वास प्राप्त कर सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नया इतिहास रचने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश पिछले 12 वर्षों से विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार राजस्थान के प्रत्येक नागरिक तक जनहितकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संकल्प एवं समर्पण के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि लगभग 80 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रिफाइनरी राजस्थान की भाग्यरेखा के साथ-साथ पूरे देश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास का नया आधार बनेगी। यह परियोजना प्रदेश के समग्र विकास का ग्रोथ इंजन सिद्ध होगी और पश्चिमी राजस्थान को पेट्रोकेमिकल उद्योगों का प्रमुख हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके माध्यम से नए उद्योगों के निवेश को गति मिलेगी, स्थानीय अर्थव्यवस्था सशक्त होगी, क्षेत्र में समृद्धि और खुशहाली आएगी तथा लाखों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना राजधानी की यातायात व्यवस्था को आधुनिक और सुगम बनाएगी। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या का समधान होगा, सार्वजनिक परिवहन को मजबूती मिलेगी तथा जयपुर के शहरी विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने ढाई वर्ष के कार्यकाल में युवाओं के लिए रोजगार सृजन के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। इस अवधि में 1 लाख 78 हजार सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान के इतिहास में इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराना एक नया रिकॉर्ड है। इसके साथ ही निजी क्षेत्र में भी सरकार के प्रयासों से 4 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ यमुना जल समझौता राजस्थान के जल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। इस ऐतिहासिक समझौते से शेखावाटी अंचल सहित जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों के लगभग 75 लाख लोगों को दीर्घकालिक पेयजल राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक जल परियोजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, क्षेत्रीय विकास और समृद्ध राजस्थान की मजबूत नींव है।

केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह रिफाइनरी राजस्थान के लिए एक साधारण प्रोजेक्ट नहीं है। इससे इस क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे, जनसाधारण के जीवन में समृद्धि आएगी और आर्थिक एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। इस रिफाइनरी का नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 17 है, यानी टेक्नोलॉजी की दृष्टि से यह विश्व भर में टॉप 25 प्रतिशत रिफाइनरीज में शामिल है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में पिछले 10 वर्षों में बहुत कम ग्रीनफील्ड रिफाइनरीज बनी हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2016 में आईओसीएल की परादीप रिफाइनरी और अब पचपदरा में एचआरआरएल रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित की है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान रिफाइनरी परियोजना को पूरा करने में उनका सक्रिय योगदान रहा है।

इन परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण-शिलान्यास-
– एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी
– जयपुर मेट्रो फेज-2
– पावरग्रिड बाड़मेर-प्रथम ट्रांसमिशन लिमिटेड
– पावरग्रिड ब्यावर-दौसा ट्रांसमिशन लिमिटेड
– 1000 मेगावाट बीकानेर सौर विद्युत परियोजना
– 300 मेगावाट करणीसर सोलर पावर प्लांट बीकानेर
– 4-लेन जोधपुर रिंग रोड सेक्शन-।।
– चूरू-सादुलपुर रेल मार्ग
– चूरू-रतनगढ़ रेल मार्ग

कार्यक्रम की विशेष झलकियां-
– समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजकीय सेवा में नवनियुक्त युवाओं को अभिनंदन पत्र सौंपे।
– रिफाइनरी, जयपुर मेट्रो सहित राजस्थान की विकास गाथा पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।
– प्रधानमंत्री ने एलपीजी टैंकरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
– उन्होंने रिफाइनरी की मेन कंट्रोल यूनिट का अवलोकन कर शोधन प्रक्रिया, तकनीकों और उत्पादों की जानकारी ली और युवा कार्मिकों एवं प्रबंधन से संवाद किया।
– उन्होंने श्रमिकों से बातचीत कर उनके साथ फोटो भी खिंचवाई।
– प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रिफाइनरी परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

रिफाइनरी उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के आह्वान का सकारात्मक असर देखने को मिला। कार्यक्रम में कई मंत्री, जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी ई-रिक्शा के माध्यम से आयोजन स्थल पर पहुंचे। वहीं, हजारों की संख्या में आमजन ने भी ई-व्हीकल और साइकिल से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचकर ईंधन बचत, स्वच्छ, हरित परिवहन के प्रति अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। इसके अलावा प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आमजन वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़े।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *