Wednesday, August 5, 2026
Uttar Pradesh

विधानसभा में महिला विधायकों संग की गई धक्का-मुक्की – आराधना मिश्रा मोना

4 अगस्त, 2026 लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे की चोरी के मुद्दे पर चर्चा की मांग की, कांग्रेस विधानमंडल दल नेता आराधना मिश्रा मोना ने भाजपा की योगी आदित्यनाथ सरकार पर भगवान रामलला मंदिर में हुई चढ़ावे की लूट पर चर्चा से भागने का आरोप लगाते हुए, चंदे & चढ़ावे की संगठित और सुनियोजित लूट और डकैती बताया।

कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि बीजेपी योगी आदित्यनाथ सरकार के लिए भगवान राम सिर्फ राजनीतिक मुद्दा भर हैं, भगवान रामलला मंदिर में इतनी बड़ी चंदे की चढ़ावे की संगठित लूट और डकैती चलती रही, लेकिन सरकार इतने महत्वपूर्ण संवेदनशील विषय जो देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है उसकी चर्चा से भाग रही, आज विपक्ष मांग करता रहा कि इस पर चर्चा हो लेकिन सरकार हिम्मत नही जुटा पाई भगवान राम से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर।

श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार दावा करती है की लूट चोरी और डकैती में कमी आई है लेकिन आम जनता से हो रही लूट के साथ साथ अब जनता की आस्था & श्रद्धा और विश्वास को भी लूटा गया, भगवान रामलला के मंदिर निर्माण में संपूर्ण भारत के साथ विश्व भर से श्रद्धालुओं ने दान और चंदा दिया,गरीब ने अपनी मेहनत की कमाई से भगवान राम लाल के मंदिर में सहयोग किया, किसानों ने ने अपनी बचत से, मजदूर ने अपनी मजदूरी से और महिलाओं ने तो अपने गहने तक भगवान रामलला के मंदिर में निर्माण में दिए, यह इस देश के श्रद्धालुओं की भगवान रामलला के प्रति आस्था और विश्वास को दिखाता है, लेकिन भाजपा सरकार में उस आस्था और विश्वास को छला गया,
आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि आज विपक्ष की महिला विधायकों के साथ मार्शलों ने धक्का मुक्की की , सरकार को क्यों डर है सभी जानते हैं क्योंकि जो लोग ट्रस्ट में बैठाये गए, प्रधानमंत्री ने जिनकी नियुक्ति की वह सभी भाजपा RSS और विश्व हिंदू परिषद के लोग बैठाए गए थे।

नेता विधान मंडल आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि बीजेपी ,आर.एस.एस और विश्व हिंदू परिषद के संगठनों ने तीन दशक तक भगवान राम और राम मंदिर के नाम पर राजनीति की जनता के बीच में राममंदिर के नाम पर वोट मांगा, भगवान राम और मंदिर अपना राजनीतिक एजेंडा बनाया लेकिन आज जब भगवान रामलला के मंदिर में चंदे की लूट हुई तो पल्ला झाड़कर ट्रस्ट का बहाना बना लिया, भगवान रामलला मंदिर में हुई चंदा और चढ़ावा चोरी लूट नही डकैती है, आखिर आज अपनी जवाबदेही और जिम्मेदारी से भाजपा और संघ क्यों बच रहा है, मुख्य दोषियों को क्यों बचाया जा रहा है ?
उच्चतम न्यायालय के आदेश पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की गठन की घोषणा की और अपने संघ & विश्व हिंदू परिषद के लोगों को ट्रस्ट में रखा, साधु संतों को दरकिनार कर उनका अपमान किया गया, आज वही संघ और विश्व हिंदू परिषद के लोग चंदे और चढ़ावा चोरी में मुख्य भूमिका में हैं और उनको बचाया भी जा रहा है , दिखावे के नाम पर छोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया।

श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने कहा सी.सी.टी.वी फुटेज प्रमाण है कि 40 दिनों के अंदर 70 बार से ज्यादा की चोरी सामने आई तमाम सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दिए गए ,लेकिन ट्रस्ट के जिम्मेदार और महामंत्री जो विश्व हिंदू परिषद के नेता चंपत राय का जिक्र क्यों नहीं है उन पर FIR क्यों नहीं है ? जबकि चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव का इस्तीफा इस बात का प्रमाण है, कि जो चढ़ावे और चंदा की लूट सालों साल हुई वह उपरोक्त सभी के संरक्षण में हुई, तो इन पर कार्रवाई क्यों नहीं है ? इसलिए कि वह सभी बीजेपी आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े हैं , ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी जिनकी प्रमुख जिम्मेदारी कोष की थी, वह कहते हैं कि वह दो-तीन महीने में अयोध्या जाते थे और बैलेंस शीट जानते समझते थे, तो अगर कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं तो किसी अधिकारी की थी और उस पर क्या कार्रवाई हुई ?

नेता विधान मंडल दल कांग्रेस श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने कहा भगवान रामलला के मंदिर में संगठित और सुनियोजित लूट की गई इसलिए नियमों और कानून की धज्जियां उड़ाई गई, पहले कोष गणना में आने जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की अनिवार्य तलाशी का प्रावधान था लेकिन नई नियमावली बनाकर इसे रेंडम यानी कभी-कभी कर दिया गया, यह निर्णय प्रमाण है कि चोरी में ट्रस्ट के बड़े अधिकारी शामिल थे, नियम तो कर्मचारी बनाते नही, इसीलिए लूट के साथ साथ ऑडिट में अनियमिताओं की रिपोर्ट की अनदेखी की गई, चेतावनी को नजरअंदाज किया गया।

श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने भगवान रामलला के मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ाए दान और चंदे की चोरी पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कांग्रेस पार्टी की पांच मांगें रखीं और कहा कि यह कोई सामान्य भ्रष्टाचार और चोरी नहीं, बल्कि इस देश और विश्व भर के सनातन के मानने वाले सैकड़ों करोड़ श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ किया गया , जिसे सुनियोजित अंजाम दिया गया।

1- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी जिम्मेदारी लेते हुए देश के सामने चढ़ावा और चंदा चोरी पर जवाब दें ,
2 – इसकी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच की जाए ।
3 – जिन भी पदाधिकारी की भूमिका जांच में है, उनके खिलाफ FIR और कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई हो ।
4 – वर्तमान ट्रस्ट को भंग कर नई संरचना बनाई जाए, जिसमें स्वतंत्रत पारदर्शी, जवाबदेह व्यवस्था हो, जिसमें साधु संत, गणमान्य नागरिक और प्रशासनिक विशेषज्ञ और स्वतंत्र सदस्य शामिल हों ।
5- भगवान रामलला के मंदिर के चंदे – चढ़ावे, भूमि खरीद, आयोजनों और खर्चों का पूर्ण स्वतंत्रत फॉरेंसिक ऑडिट हो, और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।