Tuesday, August 25, 2026
Uttar Pradesh

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति- 2022 के तहत HLEC की बैठक

24 अगस्त, 2026 लखनऊ। मुख्य सचिव श्री एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के अन्तर्गत उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति (एचएलईसी) की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्य सचिव द्वारा कुल ₹4,104.82 करोड़ की 8 औद्योगिक परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) जारी करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इन परियोजनाओं को ऑनलाइन इन्सेन्टिव मैनेजमेंट सिस्टम (ओआईएमएस) पोर्टल के माध्यम से लेटर ऑफ कम्फर्ट के लिए मूल्यांकन समिति द्वारा अनुशंसा प्राप्त हो चुकी है।

स्वीकृत परियोजनाओं में मेगा व सुपर मेगा श्रेणी की परियोजनाएं शामिल हैं। इन प्रस्तावों में एपीएल अपोलो ट्यूब्स लिमिटेड (Apl Apollo Tubes Limited) की गोरखपुर स्थित ₹320 करोड़ की परियोजना, टेरेस्ट्रियल फूड प्रोसेसर प्रा0लि0 (Terrestrial Food Processors Private Limited) की अमरोहा स्थित ₹277.30 करोड़ की परियोजना तथा अल्ट्राटेक सीमेन्ट लि0 (Ultratech Cement Limited) की ललितपुर स्थित ₹738 करोड़ की परियोजना प्रमुख हैं।

इसके अतिरिक्त शुक्र फार्मास्यूटिकल्स लि0 (Shukra Pharmaceuticals Ltd) की गौतम बुद्ध नगर स्थित ₹587.50 करोड़, गुडलक इंडिया लि0 (Goodluck India Limited) की बुलंदशहर स्थित ₹268.67 करोड़, जी0के0 वाइंडिंग्स वायरस लि0 (G.K. Windings Wires Limited) की हाथरस स्थित ₹381.14 करोड़, बनासकांठा डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर लि0 (Banaskantha District Cooperative Milk Producers Ltd) की बागपत स्थित ₹539.83 करोड़ तथा एल्पेक्स सोलर लि0 (Alpex Solar Limited) की मथुरा स्थित ₹992.38 करोड़ की परियोजना शामिल है।

मुख्य सचिव द्वारा इन प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किए जाने से प्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार, औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विकास तथा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों में वृद्धि की उम्मीद है। राज्य सरकार का फोकस निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने, परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन तथा पात्र इकाइयों को नीति के अनुरूप प्रोत्साहन उपलब्ध कराने पर है।

इन स्वीकृतियों से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों—विशेषकर विनिर्माण, सीमेंट, फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य प्रसंस्करण, वायर एवं इलेक्ट्रिकल उत्पाद, डेयरी तथा सौर ऊर्जा—में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।

बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार, प्रमुख सचिव राज्य कर श्रीमती कामिनी रत्न चौहान, प्रमुख सचिव स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अमित गुप्ता, सीईओ इन्वेस्ट यूपी विजय किरन आनंद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।