Saturday, November 29, 2025
Rajasthan

बन्द पड़ी योजनाओं को शुरू करें मुख्यमंत्री – अशोक गहलोत

26 नवम्बर, 2025 सीकर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एसआईआर प्रक्रिया में अव्यवस्था, अत्यधिक दबाव और अत्यल्प समय-सीमा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि देशभर में बीएलओ की असामयिक मृत्यु इस प्रक्रिया की हड़बड़ी और गलत प्रणाली का परिणाम हैं, जिस पर सरकार को जवाब देना चाहिए। अशोक गहलोत ने सवाल उठाया कि जब 12 राज्यों में एसआईआर शुरू की गई है तो इतनी जल्दबाज़ी की क्या ज़रूरत थी? चुनावों में अभी तीन-तीन साल बचे हैं, ऐसे में प्रक्रिया को आराम से और पारदर्शी ढंग से पूरा किया जा सकता था। सरकार की यह हड़बड़ी संदेह पैदा करती है और लोकतांत्रिक ढांचे के लिए चिंताजनक है।

सीकर में प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि बीएलओ आत्महत्या क्यों कर रहे हैं? क्योंकि उन पर दबाव है। 4 तारीख तक नाम जुड़ नहीं पाएंगे और 9 तारीख को सूची जारी होनी है, जिसके बाद नाम जोड़ने की लंबी और जटिल प्रक्रिया शुरू होती है। और इस कारण से लोग बहुत परेशान हैं।

गहलोत सरकार के समय महत्वपूर्ण विभागों में तैनात रहे अधिकारियों को भाजपा शासन में भी अहम पद मिलने से जुड़े सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने स्पष्ट कहा कि अधिकारियों की पोस्टिंग मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार होता है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने सरकार बनने के समय आरोप लगाया था कि मेरे कार्यकाल में तैनात अधिकारी भ्रष्ट थे और गलत तरीके से महत्वपूर्ण पदों पर लगाए गए थे। लेकिन विडंबना यह है कि अब वही अधिकारी भाजपा सरकार द्वारा फिर से अच्छी और प्रभावी पोस्टों पर लगाए जा रहे हैं। इससे साफ है कि उस समय लगाए गए आरोप केवल झूठ थे और जानबूझकर माहौल खराब करने के लिए लगाए गए थे।

वहीं पूर्व सीएम गहलोत ने प्रदेश भर में उनके कार्यकाल में शुरू की गईं जनहित की योजनाओं को बंद या धीमा किए जाने पर सरकार से जवाब माँगा , उन्होंने कहा कि “राजस्थान में जो विकास योजनाएँ चल रही थीं, आपने उन्हें धीमा या बंद क्यों कर दिया? वे किसी एक व्यक्ति की नहीं, सरकार की योजनाएँ थीं। सरकारें बदलती हैं, पर जनता के हित में चलने वाली योजनाएँ कभी नहीं रुकनी चाहिए।”

उन्होंने इस स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की कि कमजोर वर्गों को पेंशन समय से नहीं मिल रही है और बताया कि सड़कमार्ग से सीकर आने पर उन्हें लोगों ने पीड़ा बताई, ” तीन महीने से पेंशन नहीं मिली,7 महीने से पेंशन नहीं मिल रही है,” पेंशन तीन महीने नहीं मिले, इस पर कौन ध्यान देगा ? ” सरकार नाम की चीज नहीं है।“श्री गहलोत ने कहा।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़कों की दुर्दशा हो गई है। बारिशों में सड़कों को नुक़सान होता है पर ऐसे गड्ढे सड़कों में बन गए हैं कि उन पर चलना मुश्किल हो गया है। सड़क जब नई बनेगी तब बनती रहेगी पर तब तक सरकार को अभियान चलाकर सड़कों के गड्ढों को भरना चाहिए।

निकाय चुनाव पर बात करते हुए पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि जब यह स्पष्ट है कि कानून के अनुसार चुनाव कराना अनिवार्य है, तब भी सरकार लगातार टालमटोल कर रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीकर में पूर्व जिला अध्यक्ष स्व. सोमनाथ त्रिहन के आवास पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। तत्पश्चात उन्होंने पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष  नारायण सिंह से मुलाकात कर कुशलक्षेम जानी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *