बाबूजी का जीवन नई पीढ़ी के लिए मिसाल है- श्रीमति मीरा कुमार
4 अप्रैल 2026 लखनऊ। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री स्व बाबू जगजीवन राम की जयंती की पूर्व संध्या पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, लखनऊ में ‘‘समकाकलीन भारत में स्व बाबू जगजीवन राम की प्रासंगिकता सामाजिक न्याय और समावेशी विकास’’ विषय पर एक विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि के रूप में स्व बाबू जगजीवन राम की सुपुत्री एवं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती मीरा कुमार तथा मुख्य वक्ता के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रख्यात शिक्षाविद प्रो० रतन लाल उपस्थित रहे। सांसद तनुज पुनिया ने कार्यक्रम में आए हुए समस्त पदाधिकारियों अतिथियों एवं मंच एवं सभागार में बैठे हुए कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का अभिवादन करते हुए विचार गोष्ठी के विषय का प्रतिपादन किया। संगोष्ठी का संयोजन और संचालन उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग के वाइस चेयरमैन मनीष हिंदवी ने किया।
आयोजित संगोष्ठी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर सम्बोधिति करते हुए श्रीमती मीरा कुमार ने लखनऊ की तहजीब की तारीफ और आए हुए कांग्रेसजनों का स्वागत करते हुए कहा कि आज के युग में जब लोग पहले मैं-पहले मैं में विश्वास करते हैं वहीं लखनऊ की तहजीब हमें पहले आप-पहले आप सिखाती है। स्व बाबू जगजीवन राम के जीवन और संघर्ष के विषय में बताते हुए मुख्य अतिथि भावुक हो गई। आजादी की लड़ाई में उनका शामिल होना, दलितों को एक दिशा देते हुए स्वतंत्रता संग्राम में शामिल कराना और वंचितों और दलितों के मन में देश भावना की ज्योति जलाना उनका मुख्य कार्य रहा। देश के कृषि मंत्री के रूप में कार्य करते हुए भारत से भुखमरी दूर करने के लिए हरित क्रांति जैसी योजना को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने उन्नत बीज, रासायनिक उर्वरकों और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया, जिससे देश में खाद्यान्न उत्पादन में भारी वृद्धि हुई।
श्रीमती मीरा कुमार ने कहा कि छुआ-छूत, ऊँच-नीच की भावना समाज रूपी पेड़ में अमर बेल की तरह लिपटी हुई है जो समाज को लगातार कमजोर कर रही है, हमें अब इससे ऊपर उठकर देश के विकास के बारे में सोचना होगा उत्तर प्रदेश में यह जिम्मेदारी अविनाश पाण्डेय एवं अजय राय के कंधों पर है।
आज के कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो० रतन लाल ने बाबू जगजीवन राम जी के राजनीतिक व्यतित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्व बाबू जगजीवन राम दलितों, वंचितों की लड़ाई लड़ने वाले सच्चे सिपाही थे, उन्होंने बिहार में किसानों एवं मजदूरों को संगठित कर आंदोलन चलाया। स्वतंत्रता के बाद वह संविधान सभा के सदस्य बने और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रो० रतन लाल ने बताया कि 1971 के भारत-पाक युद्ध में बतौर रक्षामंत्री रहते हुए सेना को खुली छूट दी 13 दिनों के युद्ध के पश्चात पाकिस्तान की हार हुई और बांगलादेश पाकिस्तान से अलग हुआ। बाबूजी ने कभी अपनी पहचान सिर्फ दलित नेता के रूप में सीमित नहीं किया बल्कि पूरे देशहित में कार्य किया। उन्होंने अस्पृश्यता निवारण अधिनियम 1955 बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दलितों, मजदूरों, किसानों के उत्थान के लिए निरंतर लड़ाई लड़ते रहे। वर्तमान सरकार पर तंज कसते हुए प्रो0 ने कहा कि स्व० अटल बिहारी बाजपेई ने सरकारी कर्मचारियों की पेंशन छीन ली और वर्तमान सरकार नौकरी छीनने पर अमादा है। एक आंकड़े के अनुसार सरकारी नौकरियों में सर्वाधिक संख्या सवर्णों की रही है और नौकरी और पदों की संख्या कम होने से नुकसान भी इसी वर्ग के लोगों का है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय महासचिव-प्रभारी उ0प्र0 अविनाश पाण्डेय ने कहा कि स्व बाबू जगजीवन राम का जीवन साहस और अटूट संकल्प सिखाता है। उनके जीवन का संघर्ष हमें बताता है कि दृढ़ संकल्प और नेक नीयती से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। स्व० बाबू जी सामाजिक समता, लोकतंत्र और राष्ट्रनिर्माण के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा आज हमारे नेता राहुल गांधी स्व बाबू जगजीवन राम के विचारों पर चलते हुए समतामूलक समाज के निर्माण में अग्रसर हैं। कांग्रेस पार्टी उसी पर चल रही है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने स्व बाबू जगजीवन राम को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि स्व बाबूजी समाज के दलित, वंचित लोगों को न्याय दिलाने के लिए कार्य किया जिसके लिए हम आज उन्हें नमन करते हैं। आज उनकी जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में यह संकल्प लेते हैं कि स्व बाबूजी के आदर्शों पर चलते हुए देश और समाज के विकास में अपनी भूमिका का निर्वहन करेंगे। हम सभी को मिलकर एक साथ कार्य करने की आवश्यकता है और यदि हमने मिलकर कार्य किया तो आने वाले समय में 2027 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी की जीत पक्की है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अंशुल अभिजीत ने स्व बाबूजी के सिद्धांतों और आदर्शों को अपने जीवन का आधार बताते हुए कहा कि आज भी जब-जब मैं संघर्ष करता हूँ तो अपने नाना स्व जगजीवन राम के जीवन संघर्ष को याद करता हूँ कि वह किस तरह अपमान और संघर्ष की गहरी खाई से निकलकर देश को रोशनी दिखाई।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में स्व० बाबू जगजीवन राम के जीवन पर आधारित तथा जननायक राहुल गांधी द्वारा सामाजिक न्याय के लिए किए जा रहे संघर्षों पर आधारित दो लघु फिल्मों का प्रसारण किया गया। इसके साथ कार्यक्रम में दो पुस्तकों का विमोचन मुख्य अतिथि श्रीमती मीरा कुमारी द्वारा किया गया। प्रथम पुस्तक ‘‘बाबू जगजीवन राम भारतीय लोकतंत्र के गौरवशाली महानायक’’-लेखक प्रो0 सतीश कुमार राय एवं द्वितीय पुस्तक ‘‘नेहरू मंत्रिमंडल से दलित मुक्ति के पुरोधा बाबा साहब और बाबूजी’’- लेखक राजेश गौतम।
कार्यक्रम के तृतीय सत्र सम्मान समारोह में पूर्व सांसद पी0एल0 पुनिया, बृजलाल खाबरी, कमल किशोर कमांडो, श्रीमती ओमवती देवी, ए0पी0 गौतम, पूर्व विधायक धीरेन्द्र प्रसाद, फूल कुँवर, इन्दल रावत, श्रीमती मीता गौतम, भगवती प्रसाद चौधरी, गयादीन अनुरागी, राधे श्याम कनौजिया तथा सामाजिक एवं बौद्धिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे महानुभाव एच0 एल0 दुसाध, ज्ञान प्रकाश जख्मी, अमित नायब, महेश चंद देवा भाई, सुश्री विद्या गौतम, सुनील राम को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर मुख्य अतिथि श्रीमती मीरा कुमारी द्वारा सम्मानित किया गया।


