Monday, August 10, 2026
Rajasthan

मुख्यमंत्री ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 के पदक विजेताओं संग किया संवाद

8 अगस्त, 2026 जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अरुंधति चौधरी, यशवीर सिंह, राहुल शर्मा, मोना अग्रवाल और संध्या विश्नोई प्रदेश के गौरव हैं तथा इनसे युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। इन प्रतिभावान खिलाड़ियों के प्रशिक्षकों, परिजनों और सहयोगियों के त्याग और समर्पण ने इनकी सफलताओं की नींव रखी है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अरुंधति चौधरी ने राष्ट्रमंडल खेलों में मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा है। यशवीर सिंह ने भाला फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा अपना स्‍थान बना लेती है।



उन्होंने कहा कि शूटिंग पैरा वर्ल्ड कप में राहुल शर्मा ने स्वर्ण पदक, मोना अग्रवाल ने कांस्य पदक, संध्या विश्नोई ने अंडर-17 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि इन सभी ने परिश्रम, अनुशासन और समर्पण से भारत का तिरंगा विश्व मंच पर लहराया है तथा राजस्थान का नाम भी गौरव के साथ स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने खेलों को केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम माना है। वर्तमान में भारत विश्व को यह संदेश दे रहा है कि वह सिर्फ आर्थिक प्रगति नहीं कर रहा, बल्कि खेल, विज्ञान और तकनीक जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि देश में खेलों का मजबूत वातावरण बना है, गांव-गांव से प्रतिभा की पहचान हो रही है और उसे विश्वस्तरीय मंच तक पहुंचाने की मजबूत व्यवस्था तैयार की गई है। केन्द्र सरकार द्वारा 36 हजार करोड़ रुपये के खेलो इंडिया से खेलो को नई दिशा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, उपकरण, चिकित्सा सुविधा और आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जयपुर में लगभग 101 करोड़ रुपये की लागत से महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए रिकॉर्ड स्तर पर आर्थिक सहयोग भी दिया है। अब तक 3 हजार 540 खिलाड़ियों को लगभग 52 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन एवं सहायता राशि स्वीकृत की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में प्राथमिकता दी जा रही है। अब तक 186 खिलाड़ियों को नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। प्रदेश में पहली बार खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 का सफल आयोजन भी किया गया। सात शहरों में आयोजित इन गेम्‍स में 222 विश्वविद्यालयों के लगभग 7 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रदेश के खिलाड़ियों ने इन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 60 पदक जीतकर देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पेरिस ओलंपिक और पैरालंपिक में भी राजस्थान के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। राज्य सरकार खिलाड़ियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है। इसी उद्देश्य से स्पोर्ट्स लाइफ इंश्योरेंस स्कीम लागू की गई है। उन्होंने कहा कि खेल उपकरणों की खरीद पर लगभग 18 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। वहीं, 50 खेलो इंडिया केन्द्र स्थापित कर खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण, खेल सामग्री और प्रशिक्षकों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि सवाई मानसिंह स्टेडियम में एथलेटिक्स, तीरंदाजी और बॉक्सिंग के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्थापित किया जा रहा है। राजस्थान युवा नीति-2026 के माध्यम से युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल, खेल और नेतृत्व विकास के नए अवसर सृजित किए गए हैं। एक जिला-एक खेल के माध्‍यम से प्रत्येक जिले में एक खेल को प्रोत्‍साहित किया जा रहा है। साथ ही, ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन कर पदक लाने के लिए राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम शुरू की गई है। इसी प्रकार पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेलो राजस्थान यूथ गेम्स का भी आयोजन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के इन प्रयासों के परिणामस्वरूप आने वाले वर्षों में राजस्थान केवल राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में भी अग्रणी राज्य के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा। हमारे खिलाड़ी ओलंपिक, एशियाई खेलों और विश्व प्रतियोगिताओं में भारत का तिरंगा लहराएंगे।

मुख्यमंत्री ने इससे पहले पदक विजेता खिलाड़ी अरुंधति चौधरी, यशवीर सिंह, राहुल शर्मा, मोना अग्रवाल और संध्या विश्नोई से उनकी तैयारियों एवं अनुभव पर बातचीत की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने अरुंधति चौधरी को प्रशस्ति पत्र एवं एक करोड़ रुपये का चेक, यशवीर सिंह को प्रशस्ति पत्र एवं 30 लाख रुपये का चेक, मोना अग्रवाल, राहुल शर्मा तथा संध्या विश्नोई को भी प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान राशि के चेक सौंपकर सम्मानित किया।

युवा मामले एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि मेहनत और अनुशासन से अभ्यास करने वाला खिलाड़ी अपने से अधिक प्रतिभावान खिलाड़ी को पराजित कर सकता है। एक खिलाड़ी की जीत में परिवार, कोच और खेल संघों का अहम योगदान होता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने एवं प्रतिभाएं खोजने के लिए खेलो इंडिया गेम्स शुरू किए गए। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में प्रदेश में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का भी सफल आयोजन किया गया।

इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री के.के. विश्नाई, अतिरिक्त मुख्य सचिव युवा मामले एवं खेल विभाग प्रवीण गुप्ता सहित राष्ट्रमंडल खेल 2026 के पदक विजेता खिलाड़ी, कोच, परिजन एवं बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी उपस्थित रहे।

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