Wednesday, March 11, 2026
Rajasthan

विधानसभा में “Save Oran” शर्ट पहन पहुँचे शिव विधायक भाटी

10 मार्च, 2026 जयपुर। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने सदन में कई महत्वपूर्ण और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने खेलों की स्थिति, खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं, ग्रामीण प्रतिभाओं के संरक्षण, नगरपालिकाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार, ओरण-गोचर भूमि के संरक्षण, बिजली-पानी जैसे मूलभूत ढांचे की कमी तथा अपने विधानसभा क्षेत्र शिव में वर्षों से चली आ रही जलभराव की गंभीर समस्या को सदन के समक्ष विस्तार से रखा। साथ ही शिव विधायक ‘Save Oran’ के संदेश वाली शर्ट पहन विधानसभा पहुंचे जिसने सबका ध्यान आकर्षित किया।

खेल विश्वविद्यालय पर चर्चा में खिलाड़ियों के हितों की जोरदार पैरवी करते हुए विधायक भाटी ने  महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय, जयपुर विधेयक पर चर्चा के दौरान शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने खेलों और खिलाड़ियों से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को सदन में रखा। उन्होंने सभापति का धन्यवाद देते हुए कहा कि यह विधेयक महत्वपूर्ण है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन इसके नाम को लेकर पुनर्विचार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि “खेलकूद विश्वविद्यालय” के स्थान पर इसे “स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी” या “खेल विश्वविद्यालय” किया जाना चाहिए ताकि इसका स्वरूप और उद्देश्य स्पष्ट हो सके।

विधायक भाटी ने याद दिलाया कि इस विश्वविद्यालय की घोषणा पहले भी हो चुकी थी, लेकिन 2012 से यह योजना लगभग 13 वर्षों तक फाइलों में दबकर रह गई। उन्होंने कहा कि पहले विश्वविद्यालय का कार्यालय बना, कुलपति की नियुक्ति भी हुई, लेकिन जमीन और बुनियादी ढांचे का अभाव रहा। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि यदि खेल विश्वविद्यालय जैसा बड़ा संस्थान स्थापित किया जा रहा है तो पर्याप्त बजट, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने राजस्थान में खेलों की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ओलंपिक में लगभग 117 भारतीय खिलाड़ी भाग लेने गए, लेकिन उनमें राजस्थान के केवल दो खिलाड़ी ही थे। उन्होंने कहा कि हम हरियाणा से प्रतिस्पर्धा की बात करते हैं, लेकिन उस स्तर का ढांचा और सुविधाएं भी देनी होंगी।

कोचों की भारी कमी पर उठाया सवाल पर विधायक भाटी ने बताया कि राज्य के 41 जिलों में खेल परिषद द्वारा लगभग 40-40 खेल पंजीकृत हैं, जिसके अनुसार 1600 से 1700 कोचों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में केवल लगभग 50 कोच ही उपलब्ध हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बॉक्सिंग, बैडमिंटन और साइकिलिंग जैसे खेलों में सिर्फ एक-एक कोच ही उपलब्ध है, जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने हाल ही में निकली 140 कोचों की भर्ती का स्वागत किया, लेकिन साथ ही कहा कि इससे भी राज्य में खेलों को अपेक्षित गति नहीं मिल पाएगी और कोचों की संख्या को और बढ़ाया जाना चाहिए।

महाराणा प्रताप खेल पुरस्कार नियमित देने की मांग पर विधायक भाटी ने कहा कि राजस्थान का सर्वोच्च खेल सम्मान ‘महाराणा प्रताप खेल पुरस्कार’ पिछले 16 वर्षों में केवल दो बार दिया गया है, जो खिलाड़ियों के साथ अन्याय है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि यह पुरस्कार हर वर्ष नियमित रूप से दिया जाए, जिससे खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा।

पैरालंपिक खिलाड़ियों के साथ हो रहे अन्याय पर भी उठाई आवाज पर विधायक भाटी ने कहा कि पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नीति के तहत नौकरियां तो दी गईं, लेकिन पांच-पांच साल बाद भी उन्हें स्थायी नहीं किया गया और वे अभी भी बेसिक वेतन पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे खिलाड़ियों को जल्द से जल्द स्थायी कर उन्हें सम्मानजनक स्थिति दी जाए।

ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने पर दिया जोर देते हुए विधायक
भाटी ने कहा कि राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत उन्हें पहचानने और प्रोत्साहित करने की है। उन्होंने अपने क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि बाड़मेर के सुथारों का वास क्षेत्र में जूडो के खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि पिछले दो वर्षों में बास्केटबॉल के 28 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि समदड़ी का सलोर क्षेत्र वॉलीबॉल के लिए प्रसिद्ध है।
इन्द्रोई और चूली गांव की हॉकी टीम बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है
हरसाणी, मलटाला, गड़ा, महाबार में हैंडबॉल के खिलाड़ी उभर रहे हैं। रोहिड़ी और सुंदरा साइकिलिंग के लिए जाने जाते हैं। गिराब और सुंदरा कबड्डी में प्रतिभाएं दे रहे हैं उन्होंने खेल मंत्री से आग्रह किया कि सीमा क्षेत्र के इन खिलाड़ियों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाए।

जोधपुर में आईपीएल मैच करवाने की मांग पर विधायक भाटी ने कहा कि आने वाले समय में आईपीएल मैच आयोजित हो रहे हैं और सरकार को जोधपुर में भी आईपीएल मैच आयोजित करवाने का प्रयास करना चाहिए, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी।

हर विधायक को खिलाड़ियों की खोज का दायित्व देने का सुझाव देते हुए विधायक भाटी ने सुझाव दिया कि राज्य के सभी 200 विधायकों को यह जिम्मेदारी दी जाए कि वे अपनी विधानसभा से कम से कम 5 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करें। इन खिलाड़ियों को राज्य सरकार प्रशिक्षण, ढांचा और संसाधन उपलब्ध कराए, जिससे राज्य को भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पदक मिल सकें। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद जैसे महान खिलाड़ी भी ग्रामीण परिवेश से ही निकले थे, इसलिए ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाना अत्यंत आवश्यक है।

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