Friday, March 20, 2026
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श्री काशी विश्वनाथ धाम में 9 महिलाओं ने किया कलश स्थापना

19 मार्च, 2026 वाराणसी। चैत्र नवरात्री के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में विशेष रूप से कलश स्थापना का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभी महिलाओ ने स्वयं याजक के रूप में अपनी भूमिका निभाई और विधि पूर्वक देवी कलश की स्थापना की।

सनातन धर्म में महिलाओं को शक्ति का स्वरूप माना जाता है, इसी भावना को साकार करते हुए इस बार धाम में महिलाएं इस पवित्र अनुष्ठान का संचालन कर रही हैं। यह आयोजन नारी शक्ति के सम्मान और उनके नेतृत्व को प्रकट कर रहा हैं।

धाम में उपस्थित सभी मातृ शक्ति महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती हैं। उनका संक्षिप्त परिचय निम्नलिखित है —

(1) पद्मश्री मालिनी अवस्थी (लोक गायिका)-
श्रीमती मालिनी अवस्थी भारत की प्रसिद्ध लोक गायिका हैं। वे अवधी, बुंदेली और भोजपुरी लोक गीतों के लिए जानी जाती हैं। उनके गीतों में भारतीय संस्कृति और परंपरा का सुंदर चित्रण होता है।
वे देश और विदेश में अनेक मंचों पर प्रस्तुति देकर लोक संगीत को नई पहचान दे रही हैं। उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया गया है।

(2) महामंडलेश्वर मुक्तेश्वरी गिरी (आध्यात्मिक क्षेत्र)-
महामंडलेश्वर मुक्तेश्वरी गिरी शैव संन्यासिनी हैं और जूना अखाड़ा से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने सांसारिक जीवन का त्याग कर समाज सेवा और ईश्वर भक्ति को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया है।
वे समाज को जागरूक करने और आध्यात्मिक मार्ग पर अग्रसर करने का कार्य कर रही हैं।

(3) डॉ. शिप्रा धर (चिकित्सा एवं शिक्षा)-
डॉ. शिप्रा धर एक कुशल चिकित्सक हैं और प्रसूति एवं स्त्री रोग की विशेषज्ञ हैं। वे राष्ट्रीय महिला आयोग की परामर्श समिति की सदस्य हैं। उनका विशेष संकल्प है कि बेटी के जन्म पर वे किसी प्रकार का शुल्क नहीं लेती हैं। उनका मानना है कि प्रत्येक महिला का आत्मनिर्भर होना अत्यंत आवश्यक है।

(4) श्रीमती नीलू मिश्रा (खेल)-
श्रीमती नीलू मिश्रा एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 104 से अधिक पदक प्राप्त किए हैं। उन्होंने अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना कर खेल जगत में शानदार वापसी की है।
वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं और कई संगठनों में नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। उन्हें रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार सहित अनेक सम्मानों से सम्मानित किया गया है।

(5) श्रीमती ललिता मोदी(वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं ट्रस्टी)-
एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता एवं सम्मानित व्यक्तित्व हैं। उन्हें वर्ष 1997 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति माननीय डॉ. शंकर दयाल शर्मा द्वारा राष्ट्रपति भवन में उनके जनकल्याण कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। वे उत्तर प्रदेश में अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन की पूर्व अध्यक्ष रही हैं। वर्तमान में वे काशी अन्नपूर्णा मंदिर अन्न क्षेत्र की ट्रस्टी के रूप में सेवा कार्यों में संलग्न हैं। इसके अतिरिक्त, वे रोटरी क्लब वृंदा की अध्यक्ष हैं तथा वज्रकाया समूह कंपनियों की प्रवर्तक एवं अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।

(6) सुश्री सिद्धिदात्री भारद्धाज-
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्कृति कला संकाय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने दूरदर्शन पर संस्कृत न्यूज़ एंकर के रूप में भी कार्य किया है, जहां उनकी स्पष्ट और प्रभावशाली प्रस्तुति ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।

(7) सुश्री दामिनी वशिष्ठ (पत्रकारिता)-
सुष्री दामिनी वशिष्ठ एक प्रतिष्ठित समाचार माध्यम में सफल संचालिका के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। वे आध्यात्मिकता और समाज सेवा की दिशा में एक नई यात्रा का संचालन कर रही हैं। उन्होंने 12 ज्योतिर्लिंग, 15 शक्तिपीठ और 4 धाम की विशेष यात्रा पूर्ण कर एक अद्वितीय कीर्तिमान स्थापित किया है। यह यात्रा नारी सशक्तिकरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
वे एक डिजिटल संवाद माध्यम का संचालन कर रही हैं, जहां आध्यात्मिकता, नीति और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर विचार प्रस्तुत किए जाते हैं। उनकी “स्त्री: वेदना से विजय तक” श्रृंखला महिलाओं के संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायक कथाएं प्रस्तुत कर रही है।

(8) श्रीमती रजनी शर्मा (सामाजिक सेवा)-
श्रीमती रजनी शर्मा संकटा देवी मंदिर की सेवा अधिकारी हैं और “बहु बेटी संस्था” की संस्थापिका हैं। वे विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं तथा महिला नेतृत्व को सशक्त बना रही हैं।

(9) श्रीमती संगीता कुमारी (गृहिणी)-
श्रीमती संगीता कुमारी एक कुशल गृहिणी हैं, जिन्होंने अपने परिवार का पालन-पोषण करते हुए अपने दायित्वों का उत्तम निर्वाह किया है। वे अपने बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा दे रही हैं, जिससे वे अपने-अपने क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं।

चैत्र नवरात्री के शुभ अवसर पर मंदिर न्यास द्वारा यह आयोजन नारी शक्ति, श्रद्धा और सनातन परंपरा का अद्वितीय संगम प्रस्तुत कर रहा है।