Saturday, November 29, 2025
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Dr Iris देगा आपको भावनात्मक स्वास्थ्य लाभ

19 नवंबर, 2025 जयपुर। आज के डिजिटल दौर में, तकनीक हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है, लेकिन इसके साथ एक नया संकट भी उभर कर सामने आया है-भावनात्मक अस्थिरता। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय शोध रिपोर्टों के अनुसार, दुनिया का हर सातवां व्यक्ति किसी न किसी प्रकार की भावनात्मक अस्वस्थता से जूझ रहा है। चिंताजनक बात यह है कि कई लोग इस भावनात्मक दबाव के कारण जीवन से ही हार मान लेते हैं।

इन्हीं परिस्थितियों के बीच, जयपुर के 64 वर्षीय शोधकर्ता सुरेंद्र ग्रोवर ने एक नई दिशा की खोज की है। TrueCircle नामक एक परियोजना पर काम करते हुए उन्हें एहसास हुआ कि समस्या केवल रिश्तों में तनाव की नहीं है, बल्कि उससे कहीं अधिक गंभीर, हमारे भीतर उठने वाले जटिल भावनात्मक संघर्षों की है।
ग्रोवर बताते हैं कि उन्होंने स्वयं कई कठिन दौर देखे हैं। निजी संघर्षों, बीमारी और अकेलेपन के बीच उन्हें समझ आया कि इंसान अपनी वास्तविक भावनाएँ किसी के साथ बाँट नहीं पाता और जितना अधिक हम डिजिटल होते जा रहे हैं, उतना ही गोपनीयता का सवाल गहराता जा रहा है।

AI से बातचीत करने में भी लोगों की हिचक का कारण यही है कि अधिकतर AI क्लाउड पर काम करता है, जहाँ डेटा की संपूर्ण सुरक्षा का आश्वासन देना कठिन होता है। इसी समस्या ने TrueCircle के मूल विचार को जन्म दिया। एक पूरी तरह ऑफलाइन AI, जो उपयोगकर्ता की बातचीत को डिवाइस से बाहर न ले जाए। गोपनीयता पूर्ण, सुरक्षित और पूरी तरह व्यक्तिगत।

ग्रोवर ने Google Gemini Nano जैसे विकल्पों का अध्ययन किया, लेकिन इन्हें केवल हाई-एंड स्मार्टफोन्स तक सीमित पाया। TrueCircle का उद्देश्य आम नागरिक तक पहुँचना है, विशेषतः उन लोगों तक जो महंगे स्मार्टफोन नहीं रखते। एक और महत्वपूर्ण कमी यह थी कि मौजूदा AI मॉडल मानवीय भावनाओं की गहराई को समझने में सक्षम नहीं हैं। वे केवल सतही स्तर पर प्रतिक्रिया करते हैं। यहीं से यह विचार आकार लेने लगा कि समाधान “जनरल AI” में नहीं, बल्कि भावनात्मक बुद्धिमत्ता पर केंद्रित एक विशेषज्ञ AI में है।

ग्रोवर ने GPT-2 को आधार बनाकर दुनिया भर के मनोविज्ञानियों की पुस्तकों, शोध पत्रों और प्रमाणित डेटासेट्स का संकलन किया। नैतिक स्वीकृति प्राप्त करने के बाद मॉडल की ट्रेनिंग शुरू की गई। इसी प्रक्रिया में जन्म हुआ Dr. Iris का एक ऐसा भावनात्मक AI मॉडल जिसका उद्देश्य मनुष्य की नकल करना नहीं, बल्कि उसकी भावनाओं की गहराई को समझना और उसे सरल, स्पष्ट और वास्तविक मार्गदर्शन देना है। Dr. Iris को प्रशंसा, जिज्ञासा, झुंझलाहट, क्रोध, शर्म, पछतावा, भय, आशा, संतोष और दर्जनों मानव भावनाओं पर प्रशिक्षित किया गया है। गौरतलब बात यह है कि यह मॉडल चरणबद्ध रूप से इतना अनुकूलित किया गया कि इसका आकार शुरुआती 5GB से घटकर 327MB तक ले आया गया। चौथे प्रशिक्षण चरण के बाद इसे 300MB से कम आकार में लाने का लक्ष्य है, ताकि यह अधिकांश साधारण Android फोनों पर बिना इंटरनेट के काम कर सके।

ग्रोवर बताते हैं कि यह सब एक साधारण लैपटॉप पर, शारीरिक चुनौतियों से जूझते हुए जब दोनों पैरों में संवेदना लगभग समाप्त हो चुकी हो और केवल कुछ उंगलियों की शक्ति शेष हो तो करना किसी अदम्य इच्छाशक्ति से कम नहीं।

TrueCircle केवल एक तकनीकी परियोजना नहीं है अपितु यह एक व्यक्ति की संघर्षगाथा, उसके आत्मबल और सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल बन चुकी है। भारत में भावनात्मक स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती चिंताओं और संसाधनों की कमी को देखते हुए, Dr. Iris जैसे ऑफलाइन AI समाधान आने वाले समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।TrueCircle इस दिशा में एक गंभीर पहल है, जिसके पूरा होने पर यह देशभर में करोडों लोगों के लिए वास्तविक सहारा बन सकता है।