Breaking News

आर्थिक सुस्ती में वित्तमंत्री की बड़ी घोषणाएं

अर्थव्यवस्था में मंदी की आहट और लगातार घटते निवेश को देखते हुए केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार शाम को कई बड़ी घोषणाएं की. इन घोषनाओं में पीएम मोदी द्वारा 15 अगस्त को दिए गए भाषण का असर भी साफ देखा जा सकता है. पीएम मोदी ने कहा था कि वेल्थ क्रिएटर्स का सम्मान करना होगा और वित्तमंत्री ने ऐसा ही किया कल. पीएम ने आम बजट में लगाये सुपर रिच टैक्स को हटा दिया और ये दावा किया गया था कि इससे मिलने वाले धन को गरीबो पर खर्च किया जायेगा लेकिन इसका नतीजा उल्टा हो गया और निवेशक अपनी पूँजी निकालने लगे वही इस आर्थिक मंदी को अमेरिका-चीन ट्रेडवार से जोड़कर देखा जा रहा है.

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक मंदी से देश को उबारने के लिए कल मुख्यत 6 बड़ी घोशनाएँ की. जिनकी कुछ मुख्य बिंदु निम्न प्रकार है-

1. बैंकिंग सेक्टर – आसान होगा लोन मिलना, कम होगा जीएसटी की परेशानी. अब 30 दिनों में किया जायेगा एमएसएमई के अभी तक के सभी लम्बित जीएसटी रिफंड का भुगतान. कार, घर और अन्य सामान खरीदने के लिए ग्राहकों को क़र्ज़ मिलना आसन होगा. शुक्ष्म, लघु, और माध्यम उद्योगों के खुदरा लोन के ओवर ड्यू के समझौते के लिए बैंक पारदर्शी और विकसित एक मुश्त समझौता निति.

2. ऑटो सेक्टर – बीएस-4 वाहनों को लेकर संशय को किया दूर. मांग बढ़ने के लिए सरकारी विभागों में नए वाहनों की खरीद पर लगी रोक अब हटाई जाएगी. जिसमे रजिस्ट्रेशन, रजिस्ट्रेशन फीस, मूल्य ह्रास और निति को भी बदला जायेगा.

3. इन्फ्रास्ट्रक्चर – अगले 5 वर्षो में सरकार 100 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगी. अब विवादों का निपटारा कैबिनेट सचिव के स्तर तक निगरानी होगी. टास्क फाॅर्स का गठन, भुगतान में तेज़ी और सरकार सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़े विवादों की कैबिनेट सचिव से निगरानी कराएगी.

4. बाजार को मजबूती – हाउसिंग प्रोजेक्ट में वृद्धि के लिए साख उपलब्ध कराया जायेगा और इससे ऋण की उपलब्धता बढ़ेगी. अप्रवासी भारतियों के सहयोग से घरेलु बाज़ार को मजबूत करने के लिए टास्क फाॅर्स का गठन. केवाईसी की प्रक्रिया और भी सरल करना होगा. बांड बाज़ार को और भी मजबूत करना होगा.

5. निवेशक व् स्टार्टअप – इक्विटी शेयरों के हस्तांतरण से लाभ पर अधिभार ख़त्म, सीएसआर उलंघन के लिए कानून के तहत लगभग 14000 केस वापस होंगे. निवेशको से सुपेररीच टैक्स और स्टार्टअप से एंजल टैक्स को हटाया गया.

6. वेल्थ क्रिएटर्स – आयकर से जुड़े सभी नोटिस तीन महीनों में निपटाने होंगे. कॉर्पोरेट सीएसाआर के उलंघन पर अब आपराधिक मुकदमा नही बल्कि केवल दीवानी मामला चलेगा. 1 अक्टूबर से आयकर के सभी नोटिस सिर्फ कंप्यूटर सिस्टम से तैयार होंगे और इनमे एक यूनिक आईडी नंबर भी होगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!